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Mandi: पहाड़ दरकने से चंडीगढ़-मनाली एनएच बंद, फंसे रहे सैकड़ों बड़े वाहन, यात्री बेहाल

Fri, 05 May 2023 07:21 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

रात को ही मार्ग खोलने के लिए कई मशीनें तैनाती की गईं, मगर बार-बार मलबा आने से मार्ग को खोलना आसान नहीं रहा।
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नेशनल हाईवे पर दरका पहाड़। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़-मनाली एनएच एक बार फिर चार मील के पास बड़ी पहाड़ी के गिरने के कारण गुरुवार देर रात को एक बजे बंद हो गया। इसे शुक्रवार शाम छह बजे तक खोला गया। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया। यात्री गुरुवार रात से शुक्रवार शाम तक जाम में फंसे रहे। उधर, छोटे वाहनों को पंडोह से बाया चैलचौक रवाना किया गया, मगर बड़े वाहनों जिनमें वोल्वो बसें और ट्रकों को नहीं जाने दिया। इनमें फंसे यात्री बेहाल दिखे। गुरुवार रात को ही मार्ग खोलने के लिए कई मशीनें तैनाती की गईं, मगर बार-बार मलबा आने से मार्ग को खोलना आसान नहीं हो रहा है। कई बार मार्ग पर बीच-बीच में मलबा आ रहा है। इस कारण शाम छह बजे तक एनएच खुल पाएगा। पुलिस हर बार की तरह ही सभी वाहनों को मंडी में रोककर कुल्लू जाने वाले वाहनों को वाया कटौला और मंडी आने वाले वाहनों को पंडोह में रोक कर वाया गोहर चैल चौक भेज रही है। उधर, एएसपी मंडी सागर चंद्र ने कहा कि एनएच को खोलने के लिए कई मशीनें रात से लगी हैं। बार-बार मलबा आने से मार्ग को बहाल करना चुनौती बना हुआ है।

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कई किलोमीटर तक सामान और बच्चों को उठाकर पैदल चलते रहे यात्री
चंडीगढ़-मनाली मार्ग बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बड़े वाहन मार्ग के दोनों ओर खड़े रहे। पर्यटकों और लंबे रूटों की बसों में फंसे यात्रियों को भूखे-प्यासे रात और दिन गुजारना पड़ा। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों को सामान और बच्चों को गोद में उठाकर कई किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ा। कई यात्रियों को निजी वाहन कर घर जाना पड़ा। इसके लिए उन्हें मुंहमांगे दाम देने पड़े। मार्ग बंद होने का असर पंडोह से मंडी के पुलघराट तक देखा गया। यहां तक जाम जाम लगा था और यात्री पैदल सफर कर रहे थे। कुल्लू की तरफ जाने वाली एक वोल्वो बस के यात्रियों में राजेश, रोशन, नेहा और रजनी आदि ने कहा कि वे शुक्रवार सुबह से बस में हैं और मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कई घंटे भूखे प्यासे रहे। कहा कि बच्चों के साथ इंतजार करना कठिन हो गया है। पंडोह से मंडी की तरफ रोजाना अपने कार्यों के लिए आने वाले कर्मचारियों रजत, रेखा, मनीष और आशा आदि ने कहा कि बसें मंडी की तरफ नहीं जा रहीं हैं। उन्हें कई घंटों का सफर पैदल कर एक निजी वाहन से मंडी जाना पड़ा। जाम के चलते मंडी तक पहुंचने में बहुत समय लग गया। मंडी में पढ़ाई कर रहीं कुछ युवतियों ने बताया कि वह मंडी की तरफ जा रही हैं, लेकिन कोई बस नहीं मिलने के चलते वह पैदल ही बैग उठाकर सड़क से जा रही हैं। अभी तक उन्हें कोई भी बस मार्ग में नहीं मिली, जिसमें वह मंडी तक पहुंच सकें।
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