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Shimla News: मैहली से सटे दोची में भूस्खलन, आठ मकानों को खतरा, एक करवाया खाली

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राजधानी में जारी बारिश के बीच शुक्रवार तड़के तीन बजे हुआ भूस्खलन, घरों से बाहर भागकर लोगों ने बचाई जान
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एसडीएम मंजीत शर्मा ने लिया मौके का जायजा

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के मैहली से सटी पंचायत पुजारली के दोची वार्ड में शुक्रवार को भारी भूस्खलन हो गया। इससे यहां आठ मकानों को खतरा पैदा हो गया है। मौके पर एक मकान को शुक्रवार शाम तक खाली करवा दिया है। भूस्खलन से अन्य मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ग्रामीण मंजीत शर्मा ने एक मकान को तुरंत खाली करवाने के निर्देश जारी किए हैं। यहां चल रहे एक भवन निर्माण कार्य पर भी रोक लगा दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार पंचायत पुजारली के दोची में डीपीएस स्कूल के पास पिछले कई महीनों से भवन निर्माण का काम चल रहा है। यहां पहले भी भूस्खलन हो चुका है, लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 3:00 बजे अचानक मिट्टी गिरना शुरू हो गई। देखते ही देखते यहां भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया। इससे भवनों में रह रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और सभी लोग जान बचाने के लिए तुरंत घरों से बाहर निकल आए। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार ने 90 डिग्री पर सीधी खोदाई कर दी है, जिसके कारण यहां भूस्खलन हुआ है।
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प्रभावित भवन के अलग-अलग फ्लैटों में करीब 18 लोग रहते हैं। कुछ लोग खुद ही भवन खाली करके चले गए हैं, जबकि कई परिवारों ने साथ लगते दूसरे भवनों में शिफ्ट कर लिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसके बाद शाम करीब पौने पांच बजे ग्रामीण एसडीएम मंजीत शर्मा और ग्राम पंचायत पुजारली के प्रधान ओमप्रकाश वर्मा मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने जिस भवन को खाली करवाया है, उसमें चार अलग-अलग परिवारों के 18 लोग रहते हैं। अमर सिंह, जो अभी यहीं रह रहे थे, फिलहाल दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। इसके अलावा विपिन कुमार भी यहां से शिफ्ट कर गए हैं। सुरेंद्र कुमार का परिवार साथ लगती बिल्डिंग में रह रहा है, लेकिन घर का सारा सामान अभी यहीं है। भूस्खलन से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से छह तिरपाल उपलब्ध करवाने की बात कही है। लोगों को खतरे वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।


मुश्किल से घर लिया था, अब बेघर होने की नौबत
स्थानीय निवासी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि वह मैकेनिक का काम करते हैं और वर्षों की मेहनत और बचत से उन्होंने यह घर लिया है। अब अचानक भवन पर खतरा मंडराने से पूरा परिवार सदमे में है। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या होगा। इतनी जल्दी नया आशियाना मिलना आसान नहीं है।


घर बनाना हो गया मुश्किल
खजान सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्होंने भी यहां घर बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन यहां की भौगोलिक स्थिति से परिचित होने के कारण प्लॉट पर काम शुरू नहीं किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने सीधी कटिंग कर लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाया और अब उनका प्लॉट भी खराब हो गया है। ऐसे में घर बनाना काफी मुश्किल हो गया है।
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मिनी कुफ्टाधार और दूधली में भी घरों को खतरा
शिमला। शहर से सटे मिनी कुफ्टाधार इलाके में भी पिछले काफी समय से खोदाई का काम चल रहा था। इसके कारण यहां भूस्खलन हुआ और रास्ते भी खराब हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के भूस्खलन से उनके घरों को भी खतरा पैदा हो गया है। सैकड़ों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वन विभाग ने निर्माण कार्य करने वाले व्यक्ति पर जुर्माना लगाया है। वन विभाग ने अपनी जमीन पर रास्ता बनाने को लेकर संबंधित व्यक्ति को क्रेट वॉल लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नुकसान से बचा जा सके। हालांकि, अभी तक व्यक्ति ने काम शुरू नहीं किया है, जिससे लोग परेशान हैं। भौंट पंचायत के तहत दूधली में भी मकान निर्माण के दौरान की गई खोदाई से एक घर को खतरा पैदा हो गया है। लोगों ने यहां निर्माण कार्य रोकने की मांग की है। गौरतलब है कि भट्ठाकुफर और टुटू में भी वीरवार को पहाड़ी से भूस्खलन हुआ था।
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