घरों में दरारें
देर रात जोरदार आवाज के साथ लगभग आधा बीघा भूमि धंस गई। इसके पास स्थित हरदेव शर्मा का पूरा घर प्रभावित हुआ है। दीवारों, छत और फर्श में गहरी दरारें आ गई हैं। परिवार को घर खाली करना पड़ा। पास के एक अन्य बड़े मकान में भी दरारें आई हैं, जिससे गांव के अन्य परिवार भी दहशत में हैं।
टनल निर्माण पर उठे सवाल
जिस स्थान से कुछ ही नीचे जमीन धंसी है, वहां एनएचएआई की सुरंग (टनल) का निर्माण कार्य जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सुरंग निर्माण के कारण भूमिगत संरचना कमजोर हो रही है, जिसके चलते लगातार जमीन धंस रही है। ग्रामीणों ने कहा कि 2022 से अब तक तीन बार यह खतरा सामने आ चुका है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकला। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से राहत सामग्री, मुआवजा और सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।