हिमुडा ने 2013 में शुरू की थी जमीन खरीद की प्रक्रिया
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2013 में हिमुडा ने क्षेत्र में फ्लैट बनाने के लिए लगभग 600 कनाल भूमि खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई जमीन खरीदने की यह प्रक्रिया भाजपा के समय पूरी की गई। हिमुडा ने जमीन 28 करोड़ रुपये में जरनैल सिंह और उनके परिवार के अन्य हिस्सेदारों से खरीदी थी। जांच में यह सामने आया है कि जो जमीन खरीदी गई है, वह न तो समतल है और न ही फ्लैट निर्माण के योग्य है। वर्तमान में भी इस भूमि पर किसी भी तरह का डेवलपमेंट प्लान नहीं बनाया गया है। यह भी पता चला है कि सर्किल रेट के आधार पर जमीन अधिक कीमत खरीदी गई, जिससे भूमि के मालिक को अनुचित लाभ और सरकारी राजस्व का नुकसान हुआ।
विजिलेंस ने प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए
किसी ने जमीन खरीद को लेकर हुए फर्जीवाड़े की शिकायत विजिलेंस ब्यूरो से की थी। शिकायत पर विजिलेंस ने प्रारंभिक जांच की तो आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर विजिलेंस ने जमीन मालिक पर प्राथमिकी दर्ज कर दी है। अब मामले में संलिप्त हिमुडा समेत राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने जांच की मंजूरी दी गई है। बताया जाता है कि विजिलेंस ने मामले में ऊना से लेकर शिमला सचिवालय तक हिमुडा के अधिकारियों, राजनेताओं और अन्य रसूखदारों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस ने मामले से जुड़े सभी तथ्य एकत्र कर लिए हैं। आने वाले दिनों में मामले में गिरफ्तारियां संभव है।
ऊना जिले में फ्लैट निर्माण के लिए जमीन खरीद मामले में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। भूमि खाई-खड्डों और नालों वाली पाई गई और इसकी कीमत सर्किल रेट से अधिक दिखाई गई थी। डीएसपी फिरोज खान के नेतृत्व में टीम मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।- अदिति सिंह, डीएसपी विजिलेंस ब्यूरो