भूमि अधिग्रहण प्रभावितों और किसानों की समस्याओं को लेकर भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच ने तपोवन विधानसभा सत्र के चौथे दिन सरकार के खिलाफ रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया। मंगलवार सुबह से दाड़ी मेला ग्राउंड में ही प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। मांगों को लेकर तपोवन स्थित जोरावर स्टेडियम तक पदयात्रा निकाली तथा अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
भूमि अधिग्रहण प्रभावितों और किसानों की समस्याओं को लेकर भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच ने तपोवन विधानसभा सत्र के चौथे दिन सरकार के खिलाफ रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया। मंगलवार सुबह से दाड़ी मेला ग्राउंड में ही प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। मांगों को लेकर तपोवन स्थित जोरावर स्टेडियम तक पदयात्रा निकाली तथा अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इस विषय में भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के प्रदेशाध्यक्ष बीआर कौंडल ने बताया कि साल 2013 में संसद में किसानों भूमि अधिग्रहण कानून का गठन किया गया था। इसके तहत फैक्टर दो के तहत भूमि अधिग्रहण की जद में आने वाले प्रभावितों को चार गुना मुआवजा देने की बात कही गई थी, लेकिन साल 2015 में कांग्रेस सरकार ने फैक्टर एक की अधिसूचना तैयार की इसमें प्रभावितों को मिलने वाले मुआवजे की रकम आधी हो गई।
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उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने चुनावों के दौरान अपने चुनावी मुद्दों में भूमि अधिग्रहण मुआवजे को फैक्टर दो के तहत लागू कर चार गुना करने की बात कही थी, लेकिन आज तक किसी तरह का कोई भी फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के तहत नौकरी के बदले नौकरी, मकान के बदले मकान देने का प्रावधान है, लेकिन सरकार ने आज दिन तक प्रावधान नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भूमि अधिग्रहण प्रभावितों को साल 2013 में बनने कानून फैक्टर दो के तहत चार गुना मुआवजा दिया जाए। उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर सरकार ने मात्र कमेटी बनाकर ही भूमि अधिग्रहण प्रभावितों को ठगा तो वह आगामी 2022 चुनावों में सरकार के विरुद्ध अपनी नाराजगी जताएंगे।