प्रदेश के उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को अब बैंक के माध्यम से ही वेतन मिलेगा। केंद्र सरकार की ओर से पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट में संशोधन करने के बाद नई व्यवस्था लागू हो गई है।
संशोधन के बाद प्रदेश श्रम विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। इसके तहत सूबे के सभी उद्योगपतियों को निर्देश जारी किए हैं कि वह हर कर्मचारी को उसके आधार लिंक बैंक खाते में चेक के माध्यम से वेतन दें।
प्रदेश के बद्दी समेत अन्य औैद्योगिक क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक इकाइयों में हजारों की संख्या में मजदूर काम कर रहे हैं। इसके अलावा छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों में भी कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है।
मोदी सरकार ने वेतन नियंत्रण वाले पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट में संशोधन कर दिया है, जिसके तहत अब सभी कंपनियों को अपने कर्मचारियों को बैंक खाते के माध्यम से ही वेतन देना होगा। इसके लिए आधार लिंक अकांउट में पैसे जमा कराने को कहा गया है।
संयुक्त श्रम आयुक्त टीआर आजाद ने बताया कि केंद्र के संशोधन के बाद सभी जिला श्रम अधिकारियों के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अब वेतन चेक या बैंक अकाउंट में ही दें।
इससे कागजों और असल में मिलने वाले वेतन में अनियमितता की शिकायत खत्म हो जाएगी। साथ ही मजदूरों की बैलेंसशीट सही होगी तो उन्हें भी भविष्य में बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।