कालका-शिमला एनएच पर कुमारहट्टी-सोलन बाईपास पर बन रही टनल को इस माह के अंत तक वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। रोहतांग टनल के बाद यह सुरंग आधुनिक सुविधाओं से लेस होगी। टनल से शिमला से चंडीगढ़ जाने वाले वाहन जा सकते हैं। हिमाचल सहित बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए बनाई गई इस टनल में यह बात खास है कि यह दिन-रात एलईडी लाइटों से जगमगाएगी।
टनल में पैदल चलने वाले लोगों का भी खास ध्यान रखा गया है। इसमें दोनों ओर पेडस्ट्रेल पाथ बनाया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी भी लगाए जा रहे हैं। इस टनल से करीब 5.30 मीटर ऊंचे वाहन ही गुजर पाएंगे। सुरंग की ऊंचाई लगभग 10 मीटर है।
परवाणू से सोलन तक पहले चरण में फोरलेन का काम लगभग अंतिम चरण में है। सोलन-कुमारहट्टी बाईपास पर बन रही टनल लगभग 924 मीटर लंबी है। रेल विभाग की और से बनाई गई सुरंग के लगभग 117 वर्ष बाद कुमारहट्टी-सोलन बाईपास पर टनल बनाई गई है। इससे लोगों को सोलन से कुमारहट्टी पहुंचने में कम समय लगेगा। इस सुरंग के निर्माण पर 90 से 95 करोड़ रुपये की लागत आई है।
घोड़े की नाल की तरह बनी है सुरंग
यूरोप की विशेष प्रकार की टेक्नोलॉजी से यह सुरंग बनाई गई है। बताया जा रहा है कि 13.04 डायमीटर घोड़े की नाल की तरह बनी बड़ोग बाईपास की सुरंग का कार्य अक्तूबर 2019 में पूरा हो चुका है। टनल शिमला की ओर से आने वाहनों के लिए टू लेन वन-वे ट्रैफिक के लिए बनाई गई है। दोनो छोरो पर मार्च अंत तक सड़क निर्माण कार्य पूरा हो जाऐगा। इसे दो पोर्टल में विभाजित किया है। फर्स्ट पोर्टल में कुमारहट्टी की ओर से 625 मीटर व पोर्टल टू में सोलन की ओर से 299 मीटर है।
लोगों को मिलेगी बेहतरीन सुविधा
फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव पठानिया ने बताया कि कुमारहट्टी-सोलन बाईपास पर टनल में कार्य पूरा हो चुका है। यह टनल आम लोगों के लिए जनवरी अंत तक खोली जाएगी। इसे आधुनिक रूप दिया है।