नाबालिग भांजी से दुष्कर्म के जुर्म में उम्र कैद की सजा भुगत रहे फतेह चंद की सजा पर हाईकोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी है। विशेष न्यायाधीश कुल्लू के फैसले को सही ठहराते हुए न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने प्रार्थी फतेह चंद की अपील को खारिज कर दिया।
मामले के अनुसार तेरह वर्षीय पीड़िता के माता-पिता की मृत्यु के बाद वह अपने नाना-नानी के घर में रहने आई। दोषी फतेह चंद अपने माता-पिता से अलग रहता था। साल 2012 के जून महीने में एक दिन वह अपने माता-पिता के घर आया। अपनी भांजी को घर में अकेली पाकर उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। 22 दिसंबर, 2012 को पीड़िता के पेट में दर्द हुआ तो उसकी बड़ी बहन ने उसे डॉक्टर को दिखाया।