कोरोना संकटकाल में सरकारी डिपुओं में जनता की सेहत से खिलवाड़ जारी है। आटे के बाद अब सरेआम लोगों को एक्सपायर तिथि की दालें बांटी जा रही हैं। मामला सामने आने के बाद एसडीएस केलांग ने इसकी जांच शुरू कर दी है। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को तलब कर रिपोर्ट मांगी है। एक्सपायरी डेट की दालें सोशल मीडिया में वायरल हो गई हैं। पहले आटा और अब खराब दालों के वितरण को लेकर लाहौल के लोग उग्र हो गए हैं।
लाहौल आलू उत्पादक संघ के उपाध्यक्ष मंगल चंद ठाकुर ने भी इन दालों को सोशल मीडिया में वायरल कर इसे लाहौल के लोगों के स्वास्थ्य के साथ धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से जो प्रति किलो वाले दालों के पैकेट दिए जा रहे हैं, उसमें दालों की पैकिंग तिथि 2020 दर्शाई गई है। साथ ही इसकी वैद्यता अवधि पैकिंग के बाद छह माह बताई है, जो नवंबर या दिसंबर 2020 में ही खत्म हो गई है। यह किसकी लापरवाही से हो रहा है, इसकी सरकार को जांच करने की जरूरत है। एसडीएम केलांग राजेश भंडारी ने कहा कि प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग से रिपोर्ट मांगी है।
आटे के मामले में लोगों को मूर्ख बना रहा विभाग : मंगल चंद
आटे की एक्सपायरी तिथि का मामला उठने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने इसकी गुणवत्ता को लेकर सर्टिफिकेट जारी किया है। एलपीएस के उपाध्यक्ष मंगल चंद ठाकुर ने कहा कि लाहौल को आटा किसी और कंपनी का आ रहा और विभाग के अधिकारी किसी दूसरी कंपनी के आटे के सैंपल की रिपोर्ट दे रहे हैं। विभाग भी लोगों को मूर्ख बनाने का काम कर रहा है।