हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में 9 और 10 जुलाई को हुई भारी बारिश से ब्यास और पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ ने जिलावासियों को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। ब्यास में मनाली के बाहंग, आलू ग्राउंड से लेकर रायसन तक भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ ने चार से पांच जगह 200 से 600 मीटर तक हाईवे का नामोनिशान मिटा दिया है। एनएचएआई को फिर सड़क बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
इसके अलावा नदी ग्रीन टैक्स बैरियर के अलावा कई मकानों, होटलों और दुकानों का बहाकर लेकर गई। वहीं, पारला भुंतर में पेट्रोल पंप, दस से अधिक मकान और होटल भी ब्यास की चपेट में आने से बह गए। सैंज में पिन पार्वती नदी के रौद्र रूप से सैंज का आधा बाजार की 30 दुकानें और 40 रिहायशी मकानों का नामोनिशान मिट गया। आपदा से मची तबाही के बाद अब लोग केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
भरपाई करे सरकार
इस बार आई जल प्रलय ने सैंज घाटी के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बारिश और बाढ़ ने आधे सैंज बाजार का नक्शा ही मिटा दिया है। नुकसान इतना अधिक है कि लोगों को उभरने में कई साल लग जाएंगे। इस भरपाई के लिए केंद्र से हिमाचल में राष्ट्रीय आपदा घोषित करे।-प्रेम ठाकुर, पर्यावरणविद, सैंज
केंद्र हरसंभव मदद करे
प्राकृतिक आपदा से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। कई लोग बेघर हुए हैं। भुंतर में करोड़ों से बने रिहायशी मकान ताश के पतों की तरह ब्यास में बह गए। केंद्र सरकार को इस त्रासदी के लिए प्रदेश की हर संभव मदद करने की जरूरत है।-पंकज सेठी, निवासी, भुंतर
नहीं देखी ऐसी आपदा
जीवन में ऐसी आपदा नहीं देखी। मनाली समेत पूरे प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है। पर्यटन उद्योग ठप हैं। हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर देना चाहिए। ब्यास की बाढ़ ने कुल्लू-मनाली हाईवे की सूरत ही बदल दी है।-गजेंद्र ठाकुर, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन