कुल्लू अस्पताल में डिलीवरी के बाद 23 वर्षीय रजनी शर्मा उर्फ मंजू शर्मा की मौत के मामले में मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्वयं रजनी के पति से बातचीत की है। घटना के बाद कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने यह मामला उठाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक की जांच में प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव महिला की मृत्यु का प्रमुख कारण सामने आया है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच अभी जारी है। सरकार का उद्देश्य दोषियों को सजा दिलाना है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि कोई निर्दोष कार्रवाई की जद में न आए।
सोशल मीडिया पर अपील के बाद कुल्लू अस्पताल में हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के समय अस्पताल में 218 मरीज भर्ती थे और 18 मरीज आपातकालीन सेवाओं में थे। मरीजों और अस्पताल सेवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।