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हिमाचल: अस्पतालों में क्रस्ना लैब की हड़ताल, जांच के लिए भटकते रहे मरीज; आईजीएमसी में भी सेवाएं प्रभावित

Mon, 02 Nov 2026 02:32 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में क्रस्ना लैब की हड़ताल से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। आईजीएमसी शिमला में भी सामान्य जांच सेवाएं प्रभावित हैं और केवल आपातकालीन मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। सरकारी लैब में सीमित जांच सुविधा होने के कारण मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं का रुख करना पड़ रहा है।
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क्रस्ना लैब - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जांच की सुविधा उपलब्ध करवाने वाली क्रस्ना लैब का सरकार के पास करोड़ों रुपये का भुगतान अटक गया है। इसके चलते कंपनी प्रबंधन ने कई अस्पतालों में रूटीन टेस्ट बंद कर दिए हैं। सोमवार सुबह से अस्पतालों में नियमित रूप से होने वाली जांच के लिए सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं।

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बताया जा रहा है कि जब तक सरकार से पैसे नहीं मिलते है तो क्रस्ना लैब प्रबंधन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे मरीजों की परेशानी आगामी दिनों में और बढ़ सकती है। सरकारी प्रयोगशालाओं पर निर्भरता भी मरीजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। सरकारी लैब में सभी प्रकार के टेस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मरीजों को जरूरी जांच करवाने के लिए निजी लैब और क्लीनिकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। क्रस्ना लैब प्रबंधन का कहना है कि मरीजों को जांच की सुविधा देना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार की ओर से लंबे समय से जांच का भुगतान नहीं किया गया है। करोड़ों रुपये की राशि लंबित होने के कारण मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा है।
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कंपनी प्रबंधन के अनुसार सरकार से भुगतान नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को वेतन देने के साथ जांच के लिए जरूरी सामग्री जुटाना भी मुश्किल हो गया है। अब केवल आपात स्थिति में आने वाले मरीजों की जांच करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, अस्पतालों में 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली जांच सुविधाएं प्रभावित होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। अस्पतालों में जांच को लेकर आवश्यक व्यवस्था बनाई गई है।
 

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खनेरी अस्पताल में टेस्ट सुविधा ठप होने से मरीज हुए परेशान
चार जिलों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने वाले खनेरी अस्पताल में सोमवार को क्रस्ना लैब के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकार की ओर से कंपनी को समय पर अदायगी न किए जाने के कारण कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। इसके विरोध में खनेरी अस्पताल में तैनात क्रस्ना लैब के करीब 15 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।

कर्मचारियों की हड़ताल से अस्पताल में मिलने वाली निशुल्क जांच सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। मरीजों को कई जरूरी टेस्ट निजी क्लीनिकों में करवाने पड़े। खनेरी अस्पताल में क्रस्ना लैब के माध्यम से रोजाना 250 से अधिक मरीजों को विभिन्न प्रकार के टेस्ट की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। सोमवार को कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। हालांकि, सुबह से दोपहर 12 बजे तक अस्पताल की सरकारी प्रयोगशाला में मरीजों के कुछ टेस्ट किए गए। इसके बाद मरीजों को जांच करवाने में दिक्कतें पेश आईं। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे कई मरीजों को जरूरी जांचों के लिए निजी लैबों में जाना पड़ा।

इससे उन्हें आर्थिक परेशानी भी झेलनी पड़ी। खनेरी अस्पताल रामपुर के साथ कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। दूरदराज के क्षेत्रों से लोग यहां उपचार करवाने पहुंचते हैं। सोमवार को क्रस्ना लैब में टेस्ट सुविधा ठप होने से सामान्य जांचों के साथ विशेष रक्त जांच, हार्मोन, थायराइड, विटामिन, कैंसर संबंधी मार्कर और अन्य जांच के लिए मरीजों को निजी लैबों का रुख करना पड़ा। ऐसे में गरीब तबके के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
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सरकार ने क्रस्ना कंपनी को नहीं किया भुगतान
बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से क्रस्ना कंपनी को भुगतान नहीं किए जाने के कारण प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों को वेतन संबंधी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसी के विरोध में प्रदेशभर में क्रस्ना लैब की सेवाएं प्रभावित हुई हैं। खनेरी अस्पताल में भी कर्मचारियों ने वेतन जारी होने तक काम बंद रखने का फैसला लिया है। यदि सरकार और संबंधित कंपनी के बीच भुगतान का मामला जल्द नहीं सुलझाया गया और कर्मचारियों को उनका लंबित वेतन जारी नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में मरीजों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। खासकर, दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ेगा। ऐसे में मरीजों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि मामले में जल्द हस्तक्षेप कर क्रस्ना लैब की सेवाएं बहाल करवाई जाएं, ताकि सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली निशुल्क जांच सुविधा प्रभावित न हो।

क्रस्ना लैब कर्मियों की हड़ताल राज्य स्तर पर चल रही है। अस्पताल स्थित लैब में मरीजों को टेस्ट की सुविधा दी जा रही है। सरकार की ओर से क्रस्ना लैब के टेस्ट संबंधी कोई दिशा निर्देश अस्पताल प्रशासन को प्राप्त नहीं हुए हैं। - रोशन कौंडल, चिकित्सा अधीक्षक, खनेरी अस्पताल
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