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कोटरोपी हादसा: एचआरटीसी पीड़ित परिवार को 45 दिन में दे 49.24 लाख रुपये मुआवजा, कोर्ट ने दिए आदेश

Thu, 29 Aug 2019 09:09 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
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सांकेतिक तस्वीर
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कोटरोपी हादसे का शिकार बने एक परिवार के पक्ष में अदालत ने 49 लाख 24 हजार 172 रुपये का मुआवजा सात फीसदी ब्याज सहित डेढ़ महीने में देने का फैसला सुनाया है। हिमाचल विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दायर इस मामले में हिमाचल पथ परिवहन निगम को यह मुआवजा राशि घटना के शिकार बने सैनिक अनिल कुमार की पत्नी, माता और बेटे के पक्ष में अदा करनी होगी।

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मोटर वाहन एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (3) अपर्णा शर्मा की अदालत ने बलद्वाड़ा तहसील के नवाणी (त्रिफालघाट) निवासी कल्पना देवी, सावित्री देवी और अर्णव ठाकुर के पक्ष में फैसला सुनाया। 13 अगस्त, 2017 को सेना में तैनात जवान अनिल कुमार परिवहन निगम की बस से मंडी की ओर आ रहे थे। इसी दौरान पठानकोट-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोटरोपी के पास भारी भूस्खलन से यह बस मलबे में दब गई थी। जिसके चलते बस में यात्रा कर रहे अनिल कुमार सहित 42 यात्रियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव असलम बेग ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस दुर्घटना में शिकार हुए पीड़ितों के परिजनों को हर्जाना देकर तुरंत राहत पहुंचाने के लिए हाईकोर्ट में एक सितंबर 2017 को प्रि-लिटिगेशन मिडिएशन लोक अदालत का आयोजन किया था, लेकिन मुआवजा निर्धारित नहीं हो सका था।  ऐसे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिवक्ता समीर कश्यप को मध्यस्थ तैनात करके पीड़ित परिवारों के हर्जाने संबंधी मामलों का निराकरण करने का प्रयास किया।

मध्यस्थता के लिए 7, 12 और 23 अक्तूबर को दोनों पक्षों के बीच संयुक्त सुनवाई की गई, लेकिन इन प्रयासों से भी वांछित परिणाम हासिल नहीं हो सके, जिसके चलते प्राधिकरण ने अधिवक्ता गीतांजलि शर्मा को पीड़ित परिवार की ओर से मोटर वाहन अधिनियम ट्रिब्यूनल में क्लेम याचिका दायर करने व उन्हें कानूनी सहायता मुहैया करने के लिए बतौर अधिवक्ता नियुक्त किया गया। ट्रिब्यूनल ने याचिका को स्वीकारते हुए निगम को उक्त हर्जाना राशि ब्याज सहित पीड़ित परिवार के सभी सदस्यों के पक्ष में 45 दिन के भीतर अदा करने का फैसला सुनाया है।
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