कोटला अग्निकांड को लेकर सरकारी अफसरों के एक-दूसरे पर दोषारोपण के बीच यहां जनजीवन को पटरी पर लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। इस गांव को अब मददगारों और राजनेताओं की ओर से दिए जा रहे चंदे से बसाया जाएगा। अग्निकांड के बाद उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर खुद अपने स्तर पर हर कार्य पर नजर रखे हुए हैं।
उपायुक्त का कहना है कि जो पैसा रेडक्रॉस सोसायटी और एसडीएम के पास पहुंच रहा है, उसे लोगों में बराबर बांट दिया जाएगा। सांसदों ने जिस राशि की घोषणा की है, उसे कैसे खर्च किया जाएगा, इस बारे में सांसदों से राय ली जाएगी। आग की घटना के बाद से ही कुल्लू के अलावा प्रदेश भर से लोग किसी न किसी प्रकार से आग प्रभावितों की मदद कर रहे हैं।
यहां तक स्कूली बच्चों ने भी अपना जेब खर्च मदद के लिए देना शुरू कर दिया है। सरकारी कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन देने की बात कही है। जबकि, कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के अलावा सांसद भी मदद के लिए पीछे नहीं रहे।
कोटला के उपप्रधान का कहना है कि लोगों ने जो मदद की, उसके लिए गांव के लोग उनका आभार प्रकट करते हैं। जो मदद प्रशासन और लोगों से मिल रही है, उससे एक बार फिर कोटला गांव बसेगा और लोग अपने घरों में रहेंगे। वह कहते हैं कि अग्निकांड से प्रभावित परिवारों के बच्चों का स्कूल जाना शुरू हो गया है। लोगों से मिल रहे चंदे और सरकार से मिल रही राशि से ही अब उनके घर बनेंगे।