मुल्थान ( कांगड़ा)। शिमला जिले के कोटखाई में गुड़िया मामले का आरोपी जिला कांगड़ा की मुल्थान तहसील के छोटा भंगाल घाटी के पोलिंग गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। ये पोलिंग गांव मंडी जिले के बरोट से लगभग दस किलोमीटर दूर और कांगड़ा जिले के मुल्थान से लगभग 11 किलोमीटर दूर है। आरोपी अनिल कुमार उर्फ नीलू पुत्र देसराज पोलिंग गांव से कई वर्षों से लापता था।
पोलिंग पंचायत के प्रधान रूप लाल ने बताया की वर्ष 2005 के बाद पंचायत रिकॉर्ड में उसका कोई भी इंद्राज दर्ज नहीं है। प्रधान और सचिव ने कहा कि पंचायत रिकॉर्ड में अनिल कुमार के परिवार में नीलू, अशोक, सुरेंद्र और रमेश के नाम हैं। इस समय नीलू के दो चाचा पोलिंग में रहते हैं। कई सालों से नीलू घर से लापता है।
प्रधान के मुताबिक जिला सिरमौर के पच्छाद थाना की पुलिस भी नीलू से पूछताछ के लिए पोलिंग गांव में आती रहती थी। पुलिस चौकी मुल्थान के सूत्रों के मुताबिक अनिल उर्फ नीलू के खिलाफ सिरमौर में भी मामला दर्ज है। तीन साल पहले वर्ष 2015 में जिला सिरमौर के पच्छाद थाना की पुलिस आईपीसी की धारा 323, 324, 354, 326 के तहत नीलू के गिरफ्तारी वारंट लेकर आई थी। लेकिन, नीलू गांव में नहीं मिला था।
सीबीआई शाखा शिमला के बाहर हथियारबंद पुलिसकर्मियों का दोहरा पहरा रहा। ये पहरा रेलवे बोर्ड भवन शिमला के बाहर सड़क और भीतर मुख्य गेट पर रहा। दोनों जगहों पर दो-दो बंदूकधारी पुलिसकर्मी तैनात रहे। सीबीआई ने ही स्थानीय पुलिस को शाखा के बाहर सुरक्षा की व्यवस्था करने को कहा है।
सुरक्षाकर्मियों के पहरे के भीतर सीबीआई शाखा के गेट को बंद रखा गया है। सीबीआई अधिकारियों और कर्मचारियों के बजाय किसी के भी भीतर जाने पर पूरी तरह से मनाही रही। भीतर सीबीआई शाखा के लॉकअप में ही इस आरोपी को रखा गया है।