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गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड: CBI के हाथ लगे ये अहम सुराग, सुलझा ली है पूरी गुत्थी

Sat, 31 Mar 2018 10:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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आठ महीने पहले दांदी (कोटखाई, शिमला, हिमाचल प्रदेश) के जंगल में मिले गुड़िया के शव की फोरेंसिक रिपोर्ट ही अब सीबीआई को उसके कातिलों तक पहुंचाएगी। आठ महीने की जांच के दौरान सीबीआई ने बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के दांत के निशान लिए थे।

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इसके अलावा जांच के दौरान सीबीआई के रडार पर आए कुछ संदिग्धों के मोबाइल फोन की भी उस दिन की लोकेशन की फोरेंसिक जांच की जा रही थी। बताया जा रहा है कि बुधवार को इन्हीं डेंचर रिपोर्ट और मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद से सीबीआई की जांच नई दिशा में बढ़ गई है।

सूत्रों की मानें तो सीबीआई सिर्फ फोरेंसिक व मेडिकल रिपोर्टों का ही इंतजार कर ही थी। इन रिपोर्टों के आने के बाद अब गुड़िया के कातिलों के चेहरे सीबीआई के सामने काफी हद तक साफ हो गए हैं।
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ऐसे में सीबीआई का पूरा फोकस आरोपियों की उस दिन की मूवमेंट और गुड़िया की दुराचार के बाद हत्या की कहानी को पूरा करने में लग गया है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि अब सीबीआई मोबाइल लोकेशन की रिपोर्ट के आधार पर फिर से उन संदिग्धों से पूछताछ कर सकती है जिनकी लोकेशन उस दौरान दांदी के जंगल के आसपास की थी।

चिरानियों और स्थानीय बदमाशों के पीछे सीबीआई

सीबीआई टीम के एसपी एसएस गुरुम, डीएसपी सीमा पाहूजा, एएसपी आरके सेठी
बहुचर्चित गुड़िया दुराचार और हत्या मामले में सीबीआई के निशाने पर मूल रूप से बाहरी राज्यों के कुछ चिरानी और स्थानीय बदमाश हैं। ये लोग इधर-उधर न भागें। इसके लिए सीबीआई की कई टीमें इनकी निगरानी में जुटी हैं। हालांकि, गुड़िया के दुराचार, कत्ल से चिरानियों या इन बदमाशों के सही-सही संबंध का खुलासा होना अभी बाकी है। वीरवार को शिमला में किए दावे के मुताबिक सीबीआई ये पर्दाफाश जल्द कर सकती है।

सीबीआई की एक टीम ने दांदी जंगल के पास डेरा डाला है। वीरवार को भी टीम दांदी में रही। एक अन्य सीबीआई दस्ता दांदी जंगल से शिमला और कोटखाई की तरफ जाने वाले रास्तों पर पैनी नजर रखे है। हर आने-जाने वाले की खोज-खबर ले रहा है। लोगों को वीरवार को भी यह दस्ता यहां नजर आया।

सीबीआई की कुछ टीमें पिछले दिनों उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जाकर भी इस जंगल में चिरान-पिचान का काम कर रहे कुछ लोगों से पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों की मानें तो इनमें से कुछ चिरानियों को सीबीआई पिछले दिनोें दांदी जंगल में उस जगह पर भी ले जा चुकी है, जहां गुड़िया का शव संदिग्ध हालत में मिला था।

कुछ चिरानी हो गए थे लापता

सीबीआई को मालूम हुआ है कि दांदी जंगल में चार से छह जुलाई के बीच हुई इस घटना के बाद कुछ चिरानी अचानक कहीं लापता हो गए। लंबी कशमकश के बाद सीबीआई ने इनका पता ढूंढ निकाला। इस पड़ताल में टेलीफोन टॉवरों से लिए गए डंप डाटा से भी बड़ी मदद मिली है।

सूत्रों की मानेें तो इनमें से कुछ उत्तराखंड में काम के सिलसिले से गए थे। कुछ जम्मू-कश्मीर में अपने यहां थे। इनके डीएनए का भी गुड़िया के शव में मिले डीएनए से मिलान किया गया। इसके अलावा कुछ अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने चिरानियों के अलावा कोटखाई क्षेत्र के कुछ स्थानीय बदमाशों को भी कड़ी निगरानी मेें रखा है। सीबीआई को इन लोगों की गतिविधियां भी कुछ संदिग्ध लगी हैं।
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टाइम लाइन: गुड़िया मामले में कब-क्या हुआ

4 जुलाई 2017 : स्कूल से लौट रही दसवीं की छात्रा लापता हो गई।
6 जुलाई : कोटखाई के जंगल में गुड़िया का शव मिला, पोस्टमार्टम से दुराचार के बाद हत्या की पुष्टि।
8 जुलाई : मौके पर पहुंचे एसपी, 72 घंटे बाद भी दरिंदे न पकड़े जाने पर जनाक्रोश भड़का।
11 जुलाई : सरकार ने पीड़ित परिवार को पांच लाख मुआवजे की घोषणा की। दरिंदों को पकड़ने के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया।
12 जुलाई : तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आधिकारिक फेसबुक पेज से वांछित आरोपियों के फोटो वायरल हुए।
13 जुलाई : पुलिस ने मामले में छह लोेगों को गिरफ्तार किया। जांच पर उठे सवाल।
14 जुलाई : जांच के विरोध में ठियोग पुलिस थाने पर पथराव, गाड़ियां तोड़ीं, दबाव में सीबीआई जांच की सरकार ने की संस्तुति।
17 जुलाई : दिल्ली से मुंबई तक ‘जस्टिस फार गुड़िया’ के लिए हुए प्रदर्शन।  
18 जुलाई : सरकार ने हाईकोर्ट में जल्द सीबीआई जांच करने के लिए आवेदन दाखिल किया।
19 जुलाई : कोटखाई पुलिस थाने में रात को एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हत्या हुई। गुस्साई जनता ने थाने को आग लगा दी। इस घटना में कई पुलिस वाले घायल भी हुए।
22 जुलाई : सीबीआई ने दिल्ली में दर्ज की एफआईआर। 
29 अगस्त 2017 : पुलिस लॉकअप में हुए सूरज हत्याकांड मामले में सीबीआई ने आईजी समेत आठ पुलिस वालों को गिरफ्तार किया।
16 नवंबर : सूरज हत्याकांड मामले में शिमला के पुलिस अधीक्षक रहे डीडब्ल्यू नेगी को सीबीआई ने किया गिरफ्तार।
25 नवंबर : सीबीआई अदालत में जांच एजेंसी ने गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट।
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