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गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड: CBI ने दर्ज किए दो केस, शिमला पहुंची टीम

Sun, 23 Jul 2017 12:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड में एसआईटी गठित कर दो मुकदमे दर्ज किए हैं। सीबीआई निदेशालय ने विशेष अपराध शाखा दिल्ली के अफसरों को एसआईटी में शामिल किया है। एसपी की अगुवाई वाली जांच टीम में एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं।
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एसआईटी गुड़िया मामले के अलावा लॉकअप में एक आरोपी सूरज की हत्या की जांच भी करेगी। देर रात टीम शिमला पहुंची। रविवार को शिमला पुलिस से दोनों मामलों की अब तक हुई जांच से संबंधित दस्तावेजों के हस्तांतरण के अलावा अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होंगी।

सूत्रों की मानें तो टीम रविवार को ही घटना स्थल का निरीक्षण करने भी जाएगी। सीबीआई ने शनिवार को हिमाचल हाईकोर्ट के 19 जुलाई 2017 के आदेश के बाद दो मामले दर्ज किए। 
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दोनों मामलों को टेक ओवर किया

यह जानकारी देते हुए सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौड़ ने कहा कि सीबीआई ने हिमाचल पुलिस के कोटखाई थाने में दर्ज किए गए दोनों मामलों को टेक ओवर कर लिया है। इनमें एक मामला छह जुलाई 2017 को नाबालिग लड़की से दुराचार के बाद हत्या का आईपीसी की धारा 302, 376 एवं पोस्को अधिनियम की धारा - चार के तहत दर्ज किया गया था। 

दूसरा मामला 19 जुलाई को इस मामले की पुलिस जांच से जुडे़ एक अन्य आरोपी की पुलिस हिरासत में हुई संदिग्ध हत्या का आईपीसी की धारा 302 में दर्ज है। सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा है कि यह आरोप लगाया गया था कि यह नाबालिग लड़की चार जुलाई 2017 को स्कूल गई थी, लेकिन घर वापस नहीं आई। उसका शव जंगल क्षेत्र से 6 जुलाई 2017 की सुबह मिला। 

दिल्ली स्थित मुख्यालय की स्पेशल क्राइम ब्रांच से बनाई एसआईटी

उसके पिता की ओर से पुलिस स्टेशन कोटखाई में दर्ज शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब तक इस मामले में स्थानीय पुलिस की ओर से छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक की पुलिस हिरासत में कथित रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी।

इसके बाद स्थानीय पुलिस की ओर से अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सीबीआई ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय की ही स्पेशल क्राइम ब्रांच की एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं।

इसमें एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एक अन्य पुलिस उपाधीक्षक हैं। गौड़ ने कहा कि टीम दिल्ली से शिमला के लिए रवाना हो चुकी है। 
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सीबीआई जांच में देरी से दबाव में शिमला पुलिस

गुड़िया प्रकरण में फजीहत झेल चुकी शिमला पुलिस अब सीबीआई की जांच में देरी से दबाव में दिख रही है। प्रकरण की जांच बंद कर चुकी पुलिस जल्द से जल्द रिकॉर्ड सीबीआई को सौंपना चाहती है। शिमला पुलिस के अधिकारी सीबीआई के स्थानीय कार्यालय में बार-बार संपर्क कर रहे हैं।

पुलिस एहतियातन प्रकरण से संबंधित जांच रिपोर्ट जल्द केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपकर खुद को सुरक्षित बनाना चाहती है।सीबीआई का स्थानीय दफ्तर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से थोड़ी ही दूर पर कालीबाड़ी मंदिर के नीचे रेलवे बोर्ड बिल्डिंग में है।

सीबीआई की यह भ्रष्टाचार रोधी शाखा चंडीगढ़ में तैनात पुलिस अधीक्षक के जिम्मे है। इसमें डीएसपी और इससे निचले स्तर के अधिकारी बैठते हैं।

सूत्रों ने बताया कि इस प्रकरण से जुडे़ हुए शिमला पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी लगातार इस शाखा में संपर्क करके यह जानना चाह रहे हैं कि इस संदर्भ में मामला दर्ज हुआ है कि नहीं और एसआईटी बनी है कि नहीं।

यही नहीं, ये भी पूछ रहे हैं कि सीबीआई को रिकार्ड कब तक दिया जाना है। इसे कहां और कैसे देना होगा? दूसरी ओर सीबीआई की इस शिमला शाखा के अधिकारी अगली कार्रवाई से अनजान हैं। वे दिल्ली और चंडीगढ़ कार्यालय से ही स्थिति स्पष्ट करने को कह रहे हैं। 

सीबीआई कार्यालय में रहा सन्नाटा 
शनिवार को बेशक सभी की नजरें सीबीआई की गुड़िया मामले में कार्रवाई पर टिकी थीं, मगर केंद्रीय जांच ब्यूरो की शिमला शाखा में सन्नाटा छाया रहा। यहां सुरक्षाकर्मियों और रिसेप्शनिस्ट के अलावा कोई नहीं था। बाहर से दरवाजा भी बंद किया हुआ था।  
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