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गुड़िया प्रकरण पर अब सियासत, सचिवालय पर पथराव, चक्का जाम

Fri, 21 Jul 2017 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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कोटखाई में दसवीं की छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या मामले में करीब दो हफ्तों से हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब राजनीति भी शुरू हो गई है। मामले के एक आरोपी की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद कोटखाई थाना फूंकने और आगजनी के बाद अब भाजपा भी सड़कों पर उतर आई है। वीरवार को भाजपा के शिमला बंद के एलान के बीच राजधानी में कई जगह चक्का जाम किया गया।
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पार्टी कार्यकर्ताओं ने घेराव के दौरान राज्य सचिवालय पर पथराव भी किया। हालांकि इसके कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन राजधानी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चक्का जाम और बंद के दौरान सचिवालय के बाहर और अन्य कई जगह जमकर हंगामा भी हुआ।

चक्का जाम और जगह-जगह धरना प्रदर्शन के बाद भाजपाइयों ने राजभवन में जाकर राज्यपाल से सूबे में सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। इसी बीच, सचिवालय में आला अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री की बैठकों का दौर चलता रहा। मुख्यमंत्री ने भी राजभवन जाकर राज्यपाल से प्रदेश के ताजा हालातों पर चर्चा की। सीएम ने राज्यपाल को बताया कि प्रदेश में स्थिति अब नियंत्रण में है।
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भाजपाइयों ने तोड़े गेट और बैरिकेट्स, पुलिस से धक्कामुक्की

गुड़िया को इंसाफ दिलाने सचिवालय पहुंचे भाजपाइयों ने वीरवार दोपहर गुरुद्वारे से सटे गेट को हिला-हिला कर उसमें लगा लॉक तोड़ दिया। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों से भी धक्कामुक्की की गई। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए गेट के आगे बैरिकेट्स लगाए थे लेकिन भाजपाइयों ने इन बैरिकेट्स को तितर-बितर कर दिया। 

भाजपाइयों ने सचिवालय पर संजौली और कसुम्पटी की ओर से अलग-अलग धावा बोला। संजौली से आए प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने विशाल मेगा मार्ट के पास गेट बंद कर रोक लिया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी के दौरान भीड़ में से कुछ लोगों ने सचिवालय पर पथराव शुरू कर दिया।

भीड़ पर काबू पाने के लिए मौके पर क्यूआरटी को तैनात किया गया। कुछ देर प्रदर्शन करने के बाद संजौली से आया भाजपाइयों का दल राजभवन की ओर चला गया। इसी दौरान कसुम्पटी और छोटा शिमला के भाजपाइयों ने गुरुद्वारे की ओर से सचिवालय पर धावा बोल दिया।

इन्हें रोकने के लिए पुलिस ने यहां भी गेट बंद कर दिया। उग्र भीड़ ने गेट को हिलाकर उसका लॉक तोड़ दिया। पुलिस ने तभी बैरिकेट्स लगाकर भीड़ पर काबू किया। पुलिस ने छोटा शिमला को छावनी में तब्दील कर दिया था। आईजी अतुल वर्मा, एसपी सौम्या सहित कई बड़े पुलिस अफसर भी मौके पर मौजूद रहे।

सचिवालय के सभी गेट किए बंद, नजरबंद हुआ स्टाफ

भाजपा के प्रदर्शन के चलते वीरवार को राज्य सचिवालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। सचिवालय के चारों गेट पुलिस ने भीतर से बंद कर दिए। सिर्फ आई कार्ड जांच कर सचिवालय में लोगों को प्रवेश दिया गया। वीरवार को बाहरी किसी भी व्यक्ति का सचिवालय में जाने के पास नहीं बनाए गए।

दोपहर करीब 11:30 बजे से ढाई बजे तक सचिवालय के गेट बंद रखे गए। इस दौरान किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सचिवालय के कर्मियों को लंच के दौरान इस कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सिर्फ मुख्यमंत्री कार्यालय से सटे गेट से ही लोगों को बाहर जाने दिया जा रहा था।

काम छोड़कर खिड़कियों से झांकते रहे कर्मचारी
शिमला। सचिवालय में वीरवार दोपहर तक अफरातफरी मची रही। अधिकांश कर्मचारी सचिवालय के कारिडॉर और खिड़कियों से बाहर का नजारा देखते रहे।

वीरवार को बहुत कम कर्मचारी अपनी शाखाओं में बैठे दिखे। इस दौरान अफसरों के कमरों में भी चहलकदमी अन्य दिनों के मुकाबले कम दिखी। एक कमरे में दो-तीन अफसर बैठकर गपशप करते दिखे।

राजधानी में दुकानें और व्यापारिक संस्थान रहे बंद  
गुड़िया प्रकरण में एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हत्या पर भाजपा के शिमला बंद का असर दिखा।  राजधानी में दुकानें और अन्य व्यापारिक संस्थान पूरी तरह से बंद रहे।

भाजपा ने सचिवालय घेराव के दौरान पत्थरबाजी की, लेकिन पुलिस ने हालात बिगड़ने नहीं दिए। जगह जगह चक्का जाम से जनता को परेशानी झेलनी पड़ी। उधर, मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात से अवगत करवाने के लिए डीजीपी सुमेश गोयल ने दो बार सीएम से मुलाकात की।  

लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश वासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। गुडि़या मामले में बीजेपी के शिमला बंद के बीच सीएम ने आग्रह किया है कि प्रदेश में शांति और न्याय की परंपरा रही है, इसे बनाए रखें। सीएम के जनता के नाम लिखे इस संदेश को जगह जगह प्रसारित किया गया।

सीएम ने रद्द किया दौरा, मंत्री बुलाए
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ताजा हालात को देखते हुए वीरवार को प्रस्तावित किन्नौर का दौरा भी रद्द कर दिया। इसी बीच, उन्होंने तमाम मंत्रियों को शुक्रवार को शिमला बुला लिया है। पूरे मामले के मद्देनजर प्रदेश सरकार कल कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

राजभवन जाकर सौंपा ज्ञापन
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त, विधायक सुरेश भारद्वाज, प्रदेश सचिव त्रिलोक जम्बाल, प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी, कोषाध्यक्ष कपिल देव सूद, जिला भाजपा अध्यक्ष संजय सूद, नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट, डिप्टी मेयर राकेश शर्मा, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रमेश चोजड़, नगर निगम के भाजपा पार्षदों सहित जिला एवं मंडल के भाजपा पदाधिकारियों ने राजभवन जाकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। नागरिकों के जानमाल, जीवन की रक्षा की कोई गारंटी नहीं है। पुलिस दोषियों को पकड़ने के बजाय बचाने में लगी हुई है। भाजपा नेताओं ने कहा कि तत्काल प्रदेश की वीरभद्र सरकार को भंग किया जाए।

गुड़िया की हत्या के बाद प्रदेश के पुलिस अधिकारियों, जिसमें शिमला जिला के पुलिस अधीक्षक सहित एसआईटी की पूरी टीम को बर्खास्त किया जाए। मामले की जांच सीबीआई द्वारा समयबद्ध सीमा के अनुसार की जाए। जांच पूरी होने पर मामले की सुनवाई दिन प्रतिदिन फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा की जाए। प्रदेश के स्वच्छ छवि और ईमानदार पुलिस अधिकारियों को सीबीआई के साथ लगाया जाए।
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सौम्या ने संभाला शिमला एसपी का प्रभार

एसपी सौम्या साम्बशिवन - फोटो : File Photo
गुड़िया प्रकरण में एक आरोपी की कस्टडी में हत्या के बाद हटाए गए पुलिस अधिकारियों की जगह नए अधिकारियों ने प्रभार संभाल लिया है। एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी के तबादले के बाद सौम्या सांबशिवन ने एसपी का पदभार संभाल लिया। 

एसआईटी प्रभारी और आईजी साउथ रेंज एस जहूर जैदी पर भी तबादले की गाज गिरी है, उनकी जगह सेंट्रल रेंज मंडी अजय कुमार ने उनका अतिरिक्त कार्यभार ले लिया है। एएसपी शिमला भजन नेगी को भी सरकार ने हटा कर मुख्यालय में अटैच किया है। 

भाजपा का जिला मुख्यालयों पर आज प्रदर्शन
गुड़िया प्रकरण को लेकर भाजपा का प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर शुक्रवार को प्रदर्शन होगा। पार्टी के शिमला बंद के आह्वान बाद अब जिला मुख्यालयों के घेराव का कार्यक्रम है। मामले में सरकार को घेरने के लिए पार्टी लगातार धरना प्रदर्शन कर रही है। 

भाजपा ने प्रदेश में कानून की बिगड़ती स्थिति का हवाला देकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। जिलों में होने वाले भाजपा के प्रदर्शनों को लेकर सभी पदाधिकारियों को प्रदेश नेतृत्व ने दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।
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