मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ऐसा कोई देश या प्रदेश नहीं है, जहां अपराध नहीं होता। अपराधियों के लिए सरकार ने कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि सूचना मिली है कि कोटखाई पुलिस थाने में गुड़िया मामले के आरोपी को दूसरे आरोपी ने प्राइवेट पार्ट में चोट पहुंचाकर मौत के घाट उतारा है।
दोनों आरोपी एक ही सेल में रखे गए थे। हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पूरा थाना लाइन हाजिर किया गया है। कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी नपेंगे।
गुड़िया की आत्मा को तब तक शांति नहीं मिलेगी, जब तक गुनहगारों को सजा नहीं मिलती। सीएम बोले - गुनहगारों को मौत की सजा होनी चाहिए। सीएम पधर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
जो मारा गया, वह मुख्य आरोपी नहीं
उन्होंने कहा कि गुड़िया प्रकरण में मीडिया भी आग में घी डालने का काम कर रहा है। छोटी-छोटी बातों को इस तरह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जैसे प्रदेश का लॉ एंड ऑर्डर ब्रेक हो गया हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्राचार कर मामला सीबीआई को सौंपा गया है।
प्रदेशाध्यक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर सीएम बोले - सभी अपनी बात कहने को स्वतंत्र हैं। सरकार अपना काम कर रही है। कहा कि यह संगठन एक परिवार है। उसमें इस तरह की बातें होती रहती हैं।
सीएम ने कहा कि हत्या का मामला ऐसा हो गया है कि जैसे किसी प्लॉट में सब प्लॉट हो जाता है। जो मारा गया है, वह मुख्य आरोपी नहीं है। उसने पुलिस बयान में कहा है कि वह मुख्य आरोपी नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पुलिस अच्छा काम कर रही है। भाजपा इस मामले को मूवमेंट मानकर अपना काम चला रही है।
इंतकाल और राजस्व मामलों को लंबरदार भी करेगा प्रमाणित: सीएम
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अब इंतकाल सहित जरूरी राजस्व मामलों को लंबरदारों से प्रमाणित करवाना जरूरी होगा। लंबरदार स्थानीय लोगों के विवादित जमीन विवादों के सही जानकार होते हैं।
ऐसे में लंबरदार जमीन बंटवारे के मामलों में लोगों की मदद करें ताकि हिस्सेदारों को उनका जायज हिस्सा मिल सके और पात्र गरीब कोर्ट कचहरी जाने से बच सकें।
राजस्व मंत्री ने कहा कि लंबरदारों की महत्वपूर्ण मांग को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। अन्य मांगों का भी सरकार शीघ्र निपटारा कर देगी। वन विश्राम गृह द्रंग में लंबरदार जनकल्याण संघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए सीएम लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि लंबरदार राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी है। पूर्व सरकार ने लंबरदारों के महत्व को समाप्त कर दिया था। उनकी सरकार ने प्रदेश के इस महत्वपूर्ण विंग के महत्व को बरकरार रखते हुए उनके कल्याण में आवश्यक निर्णय लेते हुए उन्हें उचित मानदेय का प्रावधान किया है।
पूर्व सरकार मात्र 2000 सालाना मानदेय लंबरदारों को देती थी, जिसे उनकी सरकार ने बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया है। इससे पूर्व लंबरदार महासंघ ने फूलों के हार और हनुमान की गदा भेंटकर मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर का स्वागत किया।