सीबीआई की शिमला शाखा ने बहुचर्चित गुड़िया मामले में हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश की प्रति नई दिल्ली स्थित निदेशालय को भेज दी है। इसे लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो की शिमला शाखा से ‘स्पेशल मेसेंजर’ दिल्ली निदेशालय भेजा गया है। हालांकि निदेशालय को पहले ही ई-मेल और टेलीफोन से उच्च न्यायालय के आदेश की सूचना भेज दी गई है।
लेकिन जांच ब्यूरो में महत्वपूर्ण डाक लाने ले जाने के लिए विशेष संदेशवाहक की परंपरा आज भी है। अब इस मामले में जल्द ही विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया जा सकता है। टीम के गठन के बाद इस प्रकरण की छानबीन के लिए सीबीआई की शिमला शाखा में ही एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश की प्रति वीरवार को सीबीआई की शिमला शाखा को मिल गई तो इसे स्पेशल मेसेंजर के माध्यम से नई दिल्ली भी भेज दिया गया। अब अगले कदम के लिए नई दिल्ली स्थित निदेशालय पर ही सबकी नजरें टिकी हुई हैं। देखना यह भी होगा कि सीबीआई का नई दिल्ली स्थित निदेशालय शिमला शाखा के अधिकारियों को ही इस मामले की छानबीन सौंपता है या फिर
इसके लिए विशेष अपराध शाखा में कार्यरत अफसरों को जिम्मा देता है। हाईकोर्ट ने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए, जिसमें एक एसपी और दो डीएसपी को शामिल किया जाए। चूंकि शिमला शाखा की कमान भी पुलिस अधीक्षक स्तर केअधिकारी के पास है और दो डीएसपी भी शिमला में नियुक्त हैं।
इसलिए इन्हीं के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने की भी एक संभावना है। शिमला शाखा की कमान चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में सीबीआई की विशेष अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक बीके बिरदी के पास है। हालांकि, शिमला शाखा में कई मामलों के अनसुलझे होने के कारण हिमाचल के नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल और प्रदेश के अन्य गणमान्य लोग नई दिल्ली स्थित मुख्यालय की स्पेशल सेल से इस केस की जांच करवाए जाने की बात उठा चुके हैं।
ऐसे में सीबीआई निदेशालय पर सबकी निगाहें हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस को भी एसआईटी के गठन के साथ सारा रिकॉर्ड सीबीआई के सुपुर्द करना होगा और जांच में सहयोग करना होगा। हाईकोर्ट ने दो हफ्ते में सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में सीबीआई इस मामले की तफ्तीश कभी भी शुरू कर सकती है।