इस मामले में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रदेश सचिव फालमा चौहान की ओर से एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में बताया गया कि सरकार ने हाल ही में केएनएच से गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट किया है। इसके साथ ही कुछ अन्य सेवाओं को शिफ्ट करने का फैसला लिया है। याचिका में बताया गया कि डेंटल कॉलेज को केएनएच में शिफ्ट करने पर भी सरकार विचार कर रही है।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने फैसले के विरोध में सरकार सहित विभाग के अन्य अधिकारियों को रिप्रेजेंटेशन भी दी है, जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश की सबसे ज्यादा 90 फीसदी मध्यम, निम्न और कमजोर वर्ग की महिलाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर स्टाफ, कर्मचारी और डॉक्टरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेडी रीडिंग के नाम से जाने जाना वाला ये प्रदेश का 102 वर्ष पुराना ऐतिहासिक अस्पताल है, जहां पर गर्भवती एवं गायनी की समस्याओं से जूझ रही महिलाओं को एक छत के नीचे सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
अदालत को अवगत कराया गया कि आईजीएमसी में केवल 50 बिस्तर ही उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि केएनएच में करीब 300 उपलब्ध हैं। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि जब केएनएच में सारी सुविधाएं महिलाओं को एक जगह मिल रही हैं तो अस्पताल शिफ्ट करने का क्या कारण है। अदालत ने सरकार से जवाब मांगा है कि कितने कर्मचारियों, स्टाफ नर्सों और सीनियर रेजिडेंस डॉक्टरों को केएनएच से आईजीएमसी शिफ्ट किया गया है। इन सब पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करें।
केएनएच को शिफ्ट करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक जनता को मिली राहत- भाजपा नेता संजय सूद
भाजपा नेता संजय सूद ने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल को शिफ्ट करने के फैसले पर हाईकोर्ट का फैसला जनता को बड़ी राहत मिली है। यह शिमला की जनता और भारतीय जनता पार्टी के जमीनी संघर्ष की जीत है। यह फैसला साबित करता है कि लोकतंत्र में जनहित से ऊपर कुछ भी नहीं। अस्पताल को शिफ्ट करने की साजिशों को विराम देकर, सरकार से हमारी पुरज़ोर दरख्वास्त है कि अस्पताल की सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को तुरंत प्रभाव से सुचारू किया जाए। शिमला शहर की माताओं-बहनों और प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाली सभी महिलाओं के लिए यह निर्णय एक बहुत बड़ा संबल है। अब उन्हें अपने इलाज के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। भाजपा हमेशा जनता के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी रहेगी।