खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर ने राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा सरकार ने मंजूर भी कर लिया है। कपूर ने यह इस्तीफा नामांकन से पहले ही दे दिया। कपूर ने अपना नामांकन 26 अप्रैल को भरा।
कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बावजूद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर लाभ के पद पर बने हुए थे। मंत्री होने के साथ ही वह प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम के चेयरमैन भी थे।
यह पद ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के तहत आता था। चुनाव लड़ने से पहले प्रत्याशियों को लाभ के तमाम पद छोड़ने होते हैं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्य (रिमूवल ऑफ डिसक्वालिफिकेशन) अधिनियम 1971 की धारा 3 की उपधारा एल के अनुसार किशन कपूर लाभ के पद पर माने जा रहे थे।
इस धारा के अनुसार ऐसे किसी पद पर बैठा व्यक्ति अगर प्रतिपूरक भत्ते के अलावा अन्य किसी पारिश्रमिक के लिए अधिकृत नहीं हो तो वह ऑफिस ऑफ प्रॉफि ट के दायरे में आता है।