फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'20 साल में तीन लाख किसानों ने की आत्महत्या, मगर ध्यान नहीं देती सरकार'

Tue, 21 Jun 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
किसान एकता के समन्वयक देवेंद्र शर्मा
विज्ञापन
देश में लगभग डेढ़ दर्जन किसान संगठनों के संयुक्त मंच किसान एकता ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश भर के कृषकों के लिए आय आयोग बनाया जाए। इसी से किसानों की एक निश्चित आय तय हो सकेगी। यह मांग किसान एकता के समन्वयक देवेंद्र शर्मा ने शिमला में पत्रकार वार्ता में उठाई।
विज्ञापन


सेब सहित कई अन्य फसलों के आयात के लिए देश के सभी द्वारों को खोलने पर भी उन्होंने चिंता जताई। शिमला के क्रेगनैनो में देश भर से आए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के सम्मेलन के समापन के बाद सोमवार को देवेंद्र शर्मा ने कहा कि हमारे किसानों की हालत बदतर होती जा रही है।

इस बारे में किसी भी सरकार का कोई ध्यान नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। 20 साल में तीन लाख 20 हजार किसानों ने आत्महत्या की है।
विज्ञापन


आत्महत्याओं में पंजाब अग्रणी है, जबकि यहां पर खेती की उत्पादकता भी अमेरिका से ज्यादा है। ऐसे में उत्पादकता बेहतर करना ही अकेला समाधान नहीं है। किसानों की तमाम समस्याओं के निराकरण पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
Trending Videos
विज्ञापन

माफ होने चाहिए किसानों के ऋण

वर्ष 2004-05 में मनमोहन सरकार से लेकर अब तक कारपोरेट सेक्टर के 41 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए गए हैं। वर्ष 2016 में ही कारपोरेट सेक्टर के बजट में छह लाख 23 हजार करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए गए हैं।

इसी अनुपात में ही किसानों के भी कर्ज माफ होने चाहिए। शिमला में हुए सम्मेलन में 18 राज्यों से किसान नेताओं ने किसानों की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने क्रैगनेनो सम्मेलन के लिए फल, फूल एवं सब्जी उत्पादक संघ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष हरीश चौहान का भी आभार जताया।

इस अवसर पर किसान एकता मंच के अन्य समन्वयक चंद्रशेखर कोडीहली, बलवीर सिंह राजेवाल समेत देश भी से आए किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें