अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में केंद्र की मंजूरी के बिना बदलाव करने व अन्य कई अनियमितताओं के सामने आने के बाद अब कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन टनल का निर्माण कार्य सवालों के घेरे में है। टनल निर्माण के लिए मौके पर पड़े सरिये के आधार पर फोरलेन विस्थापित और प्रभावित समिति ने इस टनल में लगाए जा रहे सरिये की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। इसकी शिकायत समिति ने लोनिवि के प्रधान सचिव और प्रदेश के मुख्य सचिव को भेज दी है।
शिकायत में कहा गया है कि कीरतपुर-नेरचौक टनल नंबर 3 में कुल 540 मीटर टनल का निर्माण होना है। सड़क निर्माण में लगी गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने उपरोक्त टनल को नाइन पावर कंपनी को करीब 207 मीटर निर्माण के लिए सबलेट किया है। कंपनी 7 महीनों में 117 मीटर टनल का निर्माण कार्य कर चुकी है। शिकायत में कहा गया है कि 117 मीटर टनल के निर्माण में कंपनी ने 60 मीटर के लेटिस गार्ड में नंदन व फॉरचून 32 एमएम सरिये का इस्तेमाल किया है।
समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि परियोजना के विशेषज्ञों के अनुसार इस टनल में मात्र जिंदल का ही सरिया निर्माण कार्य में लगना है। लेकिन इसकी गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। वहीं, नाइन पावर के एमडी अरुण कुमार ने कहा कि टनल में जिंदल का सरिया लगाने के आदेश हैं। कंपनी निर्माण कार्य में जिंदल सरिये का उपयोग कर रही है।
हो चुका है बड़ा हादसा
साल 2015 में इसी फोरलेन की टनल के टीहरा में एक बड़ा हादसा हुआ था। इसमें सड़क की निर्माणाधीन टनल के धंसने के बाद पहाड़ी जर्जर हो गई थी। वहीं, हादसे में दो मजदूरों की मौत भी हो गई थी। पुलिस ने बाद में इस टनल में हुए हादसे की क्लोजिंग रिपोर्ट बना दी थी।