कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कार्य के तहत अमरसिंहपुरा से मौजा बलोह सीमा जिला मंडी और सीमेंट फैक्ट्री बरमाणा लिंक रोड अलाइनमेंट प्लान वन विभाग बिलासपुर के पास उपलब्ध नहीं है। इसका खुलासा वन विभाग से आरटीआई के माध्यम से मिली सूचना से हुआ है। उक्त क्षेत्र में वन विभाग द्वारा सैकड़ों पेड़ों का कटान हो चुका है। वन विभाग द्वारा 13 जुलाई 2020 को जारी पत्र संख्या 3284 में इस बात को साफ किया गया है कि उक्त रोड अलाइनमेंट का प्लान वन विभाग के पास मौजूद नहीं है।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने 23 जून को डीएफओ बिलासपुर से कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के मौजा बलोह तक के रोड अलाइनमेंट प्लान की मांग की थी। इसमें बरमाणा के चैनेज नंबर 0 प्लस 010 जमा 020 से एक जमा सौ व एक जमा दो सौ तक के दिए गए लिंक रोड अलाइनमेंट प्लान की भी मांग की थी। जिला वन अधिकारी ने चैनेज नंबर 147 तक के ही रोड अलाइनमेंट प्लान को उपलब्ध करवाया। शेष करीब 6 किलोमीटर रोड अलाइनमेंट प्लान को उपलब्ध नहीं करवाया गया।
जबकि उक्त भूमि पर वन विभाग ने बड़ी संख्या में पेड़ों का कटान साल 2014 में किया है। समिति ने विभाग पर आरोप लगाया है कि या तो उक्त चैनेज नंबरों के रोड अलाइनमेंट प्लान को जानबूझ कर गायब कर दिया है या फिर यह प्लान बनाया ही नहीं गया है। बिना प्लान बनाए ही वन भूमि से कई पेड़ काट दिए गए हैं जो विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
आरटीआई के माध्यम से जो जानकारी विस्थापित समिति द्वारा मांगी गई है, वह उपलब्ध करवा दी गई है। जो रोड अलाइनमेंट प्लान उपलब्ध है, उसे आरटीआई के तहत विस्थापित समिति को दिया है। अगर उक्त वन भूमि पर पेड़ों का कटान हुआ है तो जांच करेंगे। अभी तक इस तरह का कोई मामला ध्यान में नहीं है। - सरोज भाई पटेल, डीएफओ बिलासपुर
उपायुक्त बिलासपुर ने कमेटी का गठन कर पूरे रोड अलाइनमेंट प्लान की जांच के आदेश दिए हैं। जांच से पहले समिति के लिए उक्त दस्तावेजों का मिलना जरूरी है ताकि इसकी निष्पक्षता से जांच करवाई जा सके। पूरे रोड अलाइनमेंट प्लान की कॉपियां उपलब्ध करवाई जाएं।
- मदन लाल शर्मा, महासचिव फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति बिलासपुर