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फोरलेन में खनन कर रही कंपनी का काम रोका, मांगा रिकॉर्ड

Thu, 20 Feb 2020 12:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर रितेश गुलेरिया, अमर उजाला, गरामोड़ा (बिलासपुर)
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सांकेतिक तस्वीर
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर गरामोड़ा से कैंची मोड़ पर खनन कर रही कंपनी पर संबंधित विभाग ने शिकंजा कस दिया है। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर काम को रोक दिया है। कंपनी के अधिकारियों को माइनिंग की मंजूरी के दस्तावेज मुहैया करवाने के आदेश दिए गए हैं। उक्त दस्तावेज माइनिंग विभाग के शिमला कार्यालय में देने होंगे। इसके बाद ही कार्य शुरू हो पाएगा। मौके पर पुलिस से भी मदद की ली गई है। पुलिस आने वाले दिनों में भी मौके पर निगरानी रखेगी। 

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फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने इस संबंध में शिकायत की थी। कहा था कि खनन कर पूरा पत्थर और अन्य सामग्री साथ लगते राज्य पंजाब में डंप कर बेची जा रही है, जिससे सरकार को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। शिकायत में कहा है कि पहले भी इस प्रकार से अवैध माइनिंग कर सामग्री पंजाब पहुंचाई जा चुकी है। समिति ने खनन अधिकारी से मांग की है कि पंजाब में जो डंप की गई सामग्री है, उसका भी पूरा डाटा मुहैया करवाया जाए। कंपनी से नुकसान की वसूली की जाए। इस पर खनन अधिकारी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन समिति को दिया है। 

उधर, जिला खनन अधिकारी बिंदिया रानी ने बताया कि खनन कर रही कंपनी का काम रोका गया है। उसे खनन के अधिकार के दस्तावेज मुहैया करवाने को कहा है। जब तक कंपनी दस्तावेज मुहैया नहीं करवाती,  तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस भी कार्रवाई कर रही है।  
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राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उपप्रधान अशोक कुमार, चिंता देवी, बलदेव, सीताराम, जगदीश राम और पूर्व सैनिक एवं महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया कि कंपनी हिमाचल में खनन कर पूरी सामग्री को पंजाब में डंप कर बेच रही है। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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