मंडी से नगवाईं तक फोरलेन निर्माण विवादों में रहा है। पहाड़ों की अवैज्ञानिक कटिंग करके नियमों को ताक पर रखकर मलबा ब्यास नदी में फेंकने के मामले सामने आ चुके हैं। इस कारण मंडी-कुल्लू मार्ग पर पत्थर गिरना आम बात हो गई है। ऐसे में कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती है।
कंपनी ने पंडोह से औट तक की अस्थायी कटिंग
फोरलेन निर्माण में लगी एफकॉन कंपनी ने पंडोह से औट तक अस्थायी कटिंग कर रखी है। इससे एनएच पर हमेशा पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। कंपनी ने दयोड़ की पहाड़ी के पास नाममात्र के डंगे लगाए हैं। यहां एनएच बड़े-बड़े गड्ढों में तबदील हो गया है।
धूल-मिट्टी ने भी सताए यात्री
एनएच पर औट से पंडोह तक धूल-मिट्टी उठने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादा परेशानी बस में सवार यात्रियों को पेश आ रही है। बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। यात्रियों ने आरोप लगाया है कि कंपनी एनएच पर दिन में महज एक बार टैंकरों से छिड़काव करती है।