सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण किरतपुर-मनाली फोरलेन की तीसरी टनल तैयार हो गई है। रविवार को मंडी के उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने रैंसनाला से द्वाडा टनल का शुभारंभ किया। इससे पहले रैंसनाला से द्वाडा लेफ्ट टनल 1.8 किलोमीटर और 2.9 किलोमीटर लंबी औट-थलौट टनल का कार्य पूरा हो चुका है। किरतपुर-मनाली फोरलेन में पंडोह से औट तक करीब दस सुरंगों का निर्माण किया जाना है। इससे मनाली की दूरी जहां 36 किलोमीटर कम हो जाएगी वहीं, लेह की दूरी 106 किलोमीटर कम होगी।
तीन दिन पहले लेफ्ट साइड की टनल तैयार हो गई थी। अब राइट साइड की टनल के छोर मिला दिए गए हैं। उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि टनलों का निर्माण काफी चुनौतीपूर्ण है। लेकिन, एनएचएआई के मार्गदर्शन में निजी कंपनी बेहतर काम कर रही है। किरतपुर से मनाली तक बन रहे फोरलेन का कार्य पूरा होने पर 36 किमी का सफर कम हो जाएगा। मनाली से लाहौल-स्पीति के लिए एक और टनल बन चुकी है। उसका कार्य अंतिम चरण में है।
टनल के सुचारु हो जाने से किरतपुर से लेह की दूरी में 106 किमी की कमी आएगी। यह सेना के लिए काफी मददगार साबित होगी। सेना का सारा सामान इसी रास्ते से लेह तक जाता है। ये ऑल वेदर टनलें होंगी। हर मौसम में इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस मौके पर एसडीएम सदर निवेदिता नेगी, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमर रोहिला, एफकॉन्स के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह और एचआर हेड कर्नल बलजिंदर गौरैया सहित अन्य गण्यमान्य लोग भी मौजूद रहे।