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यहां सिक्का डालने से पूरी होती है मुराद, कठिन है इस डगर को पार करना

Tue, 02 Aug 2016 12:04 AM IST
रमेश नेगी/अमर उजाला, रिकांगपिओ (किन्नौर)
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किन्नर कैलाश यात्रा
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हिमाचल के जनजातीय जिले किन्नौर में एक ऐसी जगह है जहां सिक्का डालने से मन की हर मुराद पूरी होती है। यह मान्यता सदियों से चली आ रही है। ऐतिहासिक किन्नर कैलाश यात्रा सोमवार से शुरू हो गई। पहले दिन 342 लोगों का जत्था यात्रा पर गया। यात्रा 15 अगस्त तक चलेगी। पहले दिन एसडीएम कल्पा डॉ. अवनिंद्र ने श्रद्धालुओं के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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हिंदू और बौद्ध अनुयायियों की आस्था का केंद्र किन्नर कैलाश किन्नौर जिले में समुद्र तल से 24 हजार फीट ऊंचाई पर स्थित है। यहां शिवलिंग के दर्शन करने को भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। पिछले साल पांच हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस बार पहले दिन

342 भक्तों का जत्था यात्रा पर रवाना हुआ। मान्यता है कि पूरे देश में शिव के पांच कैलाश हैं। इनमें एक किन्नर कैलाश किन्नौर जिले के पोवारी गांव से ऊपर स्थित है। अन्य कैलाशों में पहला श्रीखंड कैलाश, दूसरा मणिमहेश, तीसरा मानसरोवर और चौथा आदि कैलाश हैं।
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जंगल और दुर्गम रास्तों से पहुंचते हैं भक्त
किन्नर कैलाश स्थित शिवलिंग की ऊंचाई 40 फीट और चौड़ाई 16 फीट है। हर वर्ष अगस्त माह में हजारों शिवभक्त दर्शन करने के लिए जंगल और दुर्गम रास्तों से होकर किन्नर कैलाश पहुंचते हैं। यात्रा शुरू करने के लिए भक्तों को जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 स्थित पोवारी से तंगालिगं गांव से जाना पड़ता है।
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पार्वती कुंड में सिक्का डालने से पूरी होती है मुराद

किन्नर कैलाश यात्रा
गणेश पार्क से करीब पांच सौ की दूरी पर पार्वती कुंड है। इस कुंड के बारे में मान्यता है कि उक्त कुंड में सच्ची श्रद्धा से सिक्का अगर फेंका जाए तो मन की मुराद पूरी होती है। हर वर्ष श्रद्धालु पार्वती कुंड में सिक्का डालकर मुराद मांगते हैं। इस कुंड में पवित्र स्नान के बाद करीब 24 घंटे की कठिन डगर को पार कर शिव भक्त किन्नर कैलाश स्थित शिवलिंग के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।
साथ ले जाना पड़ता है खाने और पीने का सामान

इस रमणीक यात्रा के लिए भक्तों को अपने साथ खाने का सामान और पीने का पानी तंगालिग गांव से ही साथ लेना होगा। सफर के बीच कही भी पानी नहीं मिलता है। यात्रा के दौरान एक रात बीच में गुफा नामक स्थान पर बितानी पड़ती है। अगली सुबह वहां से चलकर शिवभक्त गणेश पार्क स्थल, पार्वती कुंड पहुंचते हैं। पार्वती कुंड रंग-बिरंगे और औषधीय फूलों तथा भगवान शिव के सबसे प्रिय फूल ब्रह्म कमल से सुशोभित है।

प्रशासन करवा रहा है यात्रा को: एसडीएम
यात्रा के दौरान सारथी सेवा संघ गाजियाबाद और किन्नर कैलाश कमेटी के सदस्य भक्तों के लिए लंगर की व्यवस्था कर रहे हैं। एसडीएम कल्पा डा. अवनिंद्र शर्मा ने बताया कि इस बार यह यात्रा प्रशासन की ओर से करवाई जा रही है। कहा कि पोवारी बेसकेंप में यात्रा करने वाले लोगों की चिकित्सीय जांच की जा रही है। वहां शिव भक्तों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए हैं।
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