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किन्नौर: निगुलसरी में चलती गाड़ी पर पहाड़ी से गिरे पत्थर, हाईवे का 50 मीटर हिस्सा धंसा

Fri, 16 Aug 2024 08:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर बुशहर

सार

निगुलसरी के पास एक टैक्सी अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई। टैक्सी में सवार तीन लोग बाल-बाल बच गए। 
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चलती कार पर पहाड़ी से गिरे पत्थर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर को जोड़ने वाला एनएच-पांच निगुलसरी में बार-बार बंद होने से वाहन चालक, बागवान और सैलानी परेशान हो गए हैं। निगुलसरी के पास शुक्रवार दोपहर बाद सड़क का लगभग 50 मीटर हिस्सा धंस गया है। इस कारण एनएच पूरी तरह से बंद हो गया है। सुबह तक एनएच बहाल होना मुश्किल है। इससे पहले वीरवार देर शाम निगुलसरी के पास अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने से टैक्सी क्षतिग्रस्त हो गई। टैक्सी में सवार तीन लोग बाल-बाल बच गए।

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बताया जा रहा है कि भूस्खलन होने से पहले टैक्सी नंबर एचपी 01 एए 0374 में सवार विपिन बाबू व समीना निवासी केरल और टैक्सी चालक राम सिंह नेगी गाड़ी से निकलकर भागने में कामयाब हो गए। अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। एनएच निगुलसरी के पास बंद होने से किन्नौर जिले का संपर्क लगभग 17 घंटे तक बंद रहा। इसके बाद शुक्रवार सुबह क्षतिग्रस्त गाड़ी को हटाने के बाद 9:30 बजे सड़क को बहाल कर दिया गया। हालांकि, दोपहर बाद सड़क धंसने से फिर सड़क बंद हो गई।



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सेरीपुल में सड़क का मिटा नामोनिशान, चार पंचायतों का कटा संपर्क
 रामपुर-मझाली मुख्य सड़क का सेरीपुल में नामोनिशान मिट गया है। भारी बारिश के चलते यहां पर लगातार सड़क धंसने का सिलसिला जारी है। यातायात ठप होने से चार पंचायतों का संपर्क कट गया है और हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्र में सेब सीजन भी जारी है। ऐसे में बागवानों की भी दुश्वारियां बढ़ गई हैं। गौर हो कि रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत काशापाट, मुनिश, कूहल और देवठी पंचायत के हजारों लोग उक्त मार्ग से लाभान्वित होते हैं, लेकिन चार पंचायतों के हजारों लोगों के लिए सेरीपुल में लगातार धंस रही सड़क परेशानी का सबब बन गई है। करीब बीते एक सप्ताह से जहां मार्ग पर वाहनों के पहिये थम गए हैं, वहीं गुरुवार रात को हुई भारी बारिश के कारण सड़क का नामोनिशान तक मिट गया है। ऐसे में अब पैदल सफर करने वाले लोगों को भी खतरे के साये में आवाजाही करनी पड़ रही है।
 
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राकेश कुमार, सुनील चौहान, पवन, मेहरचंद, कुशाल, प्रीतम, रवि सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यहां पर लगातार सड़क धंसने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों में रोष है। कहा कि बीते वर्ष भी यहां पर करीब तीन माह यातायात ठप रहा था, बावजूद इसके प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने सेरीपुल में यातायात सुचारु रखने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए, जिसका खामियाजा हजारों ग्रामीणों और बागवानों को भुगतना पड़ रहा है। बागवानों को सेब की पेटियों और रोजमर्रा का सामान पीठ पर ढोकर आरपार पहुंचाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार, प्रशासन और विभाग से शीघ्र स्थायी समाधान करने की मांग उठाई है।उधर, लोक निर्माण विभाग तकलेच के एसडीओ शोभा राम का कहना है कि भारी बारिश के कारण सेरीपुल में सड़क धंस गई है। मार्ग को बहाल करने का कार्य जारी है। जल्द ही यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
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