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ये कैसा स्कूल, साढ़े तीन साल से खुले आसमान के नीचे नौनिहाल

Tue, 31 May 2016 01:54 PM IST
मोहर सिंह पुजारी/अमर उजाला, खल्याणी (कुल्लू)
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प्राइमरी स्कूल खल्याणी के नौनिहाल खुले आसमान के नीचे पठन-पाठन कर रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
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कड़कड़ाती सर्दी, बारिश हो या तपती धूप, खुले मैदान में पिछले साढ़े 3 वर्षों से कक्षाएं लग रही हैं। जिला कुल्लू के प्राइमरी स्कूल खल्याणी के नौनिहाल खुले आसमान के नीचे पठन-पाठन कर रहे हैं। यह स्कूल प्राइमरी से सीनियर सेकेंडरी तक पहुंच गया है।
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बीते करीब 23 महीने के बीच सरकार के मंत्री दो बार यहां पहुंचे, लेकिन छत उड़े और क्षतिग्रस्त स्कूल की तरफ ध्यान नहीं दिया। विभाग और प्रशासन भी खामोश है। स्कूल में बार-बार मंत्री और विधायक के दौरे का क्या फायदा, इसका कायाकल्प नहीं हो रहा है।

सरकार और शिक्षा विभाग भले ही प्रदेश में शिक्षा का आधारभूत ढांचा मजबूत करने की बात करते हो, लेकिन धरातल पर तस्वीर कुछ और ही है। स्कूल प्रबंधन, पंचायत और एसएमसी भी शिक्षा विभाग और प्रशासन से पत्राचार कर थक गए हैं।
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2013 में बारिश से ढह गया था स्कूल का भवन

खल्याणी स्कूल का यह भवन 6 फरवरी, 2013 को बारिश से ढह गया था। - फोटो : अमर उजाला
यहां तैनात अध्यापक ने कार्यालय के लिए मिडल स्कूल से छोटा सा एक कमरा उधार लिया है। कभी मजबूरी में पांच कक्षाओं को इसी कमरे में ही पढ़ाना पड़ रहा है। खल्याणी स्कूल का यह भवन 6 फरवरी, 2013 को बारिश से ढह गया था। इसे ठीक नहीं किया जा रहा है। नौनिहाल खुले आसमान के नीचे पढ़ रहे हैं।

स्कूल प्रबंधन समिति की प्रधान रीता देवी ने कहा कि 2013 में ही क्षेत्र के 45 लोगों ने हस्ताक्षर कर मांगपत्र सर्व शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट ऑफिसर को सौंपा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उसके बाद 15 फरवरी, 2013 को जिला उप निदेशक शिक्षा को भी मांगपत्र दिया। 16 मई, 2015 को उपायुक्त को भी एस्टीमेट बनाकर सौंपा था, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है।
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स्टाफ का भी टोटा

एक अध्यापक वर्षों से पांच कक्षाओं को पढ़ा रहा है। - फोटो : अमर उजाला
अध्यापक राजकुमार ने कहा कि स्कूल में पहली से पांचवीं तक 36 बच्चे पढ़ते हैं। तीन-चार कमरों वाला भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। बच्चों को बारिश और धूप के दौरान पढ़ाने में काफी दिक्कतें आ रही है।

एक अध्यापक वर्षों से पांच कक्षाओं को पढ़ा रहा है। कागजी कामकाज भी उनके पास ही है। लिहाजा, सरकार और शिक्षा महकमा स्कूल की दशा सुधारने को कदम नहीं उठा रहे हैं।

अमर उजाला ने स्कूल की अनदेखी पर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी से प्रश्न पूछा तो मंत्री बोले कि इसकी जानकारी नहीं है। यदि शिक्षा महकमा अनदेखी कर रहा है तो विभागीय अधिकारी से जवाबतलबी की जाएगी।
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