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मोदी के खास मिशन को पूरा कर रहे हैं चीन बॉर्डर से सटे इस गांव के लोग

Wed, 17 Aug 2016 11:58 AM IST
अशोक राणा/अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
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बॉर्डर में बौद्ध भिक्षुओं की जिद से स्वच्छ भारत अभियान को संजीवनी मिली है। - फोटो : फाइल फोटो
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बॉर्डर में बौद्ध भिक्षुओं की जिद से स्वच्छ भारत अभियान को संजीवनी मिली है। चीन बॉर्डर से सटे कीह मठ के बौद्ध भिक्षु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत अभियान को साकार बनाने में जुटे हैं।
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अध्यात्म के जरिये निर्वाण प्राप्ति को घर बार त्यागने वाले ये बौद्ध भिक्षु मोदी के स्वच्छ भारत अभियान से बेहद प्रभावित हैं। यही वजह है कि मठ परिसर के अलावा पूरे कीह गांव में कूडे़-कचरे का एक तिनका तक नहीं मिलता है।

कीह गांव की आबादी करीब 300 है। आसपास के गांवों के लोग भी बौद्ध भिक्षुओं को देखकर स्वच्छ भारत अभियान के लिए प्रेेरित होने लगे हैं। कीह मठ में बौद्ध धर्म की शिक्षा ग्रहण कर रहे करीब 50 नन्हें भिक्षुओं के लिए भी मठ प्रबंधन ने बाकायदा सफाई अभियान के लिए दिन और समय निर्धारित कर रखा है।
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मोदी के मिशन से प्रभावित है लोग, सफाई के लिए तय किए गए हैं दिन

शनिवार और रविवार को सफाई के लिए दिन तय किए गए हैं।
शनिवार और रविवार को सफाई के लिए दिन तय किए गए हैं। भिक्षुओं को इस बात का मलाल जरूर है कि मठ और कीह गांव में अभी तक एक भी मॉडर्न टॉयलट का निर्माण नहीं हो सका है।

मठ के दर्शन को पहुंचने वाले सैलानी भी भिक्षुओं के सफाई के प्रति संवेदनशीलता को देखकर दंग हैं। बिना किसी सरकारी आर्थिक मदद के कीह मठ के भिक्षु स्वच्छ भारत अभियान को जिस तरह साकार बना रहे हैं, यह सरकारी तंत्र को आइना दिखाने जैसा है।

कीह मठ में नन्हें बौद्ध भिक्षुओं को अध्यात्म और स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले कीह मठ के निदेशक एवं 19वें अवतारी टीके लोचन टुल्कु का कहना है कि मोदी के स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम से मठ के बौद्ध भिक्षु बेहद प्रभावित हैं।
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स्वच्छता अभियान देखकर प्रशासन भी हैरान

भिक्षु मोदी के मन की बात कार्यक्रम को जरूर सुनते हैं।
भिक्षु मोदी के मन की बात कार्यक्रम को जरूर सुनते हैं। उनके मुताबिक ठोस और तरल कचरे को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाया जाता है।

स्थानीय पंचायत प्रधान तंजिन अंगमों ने बताया कि मठ के बौद्ध भिक्षु अध्यात्म के साथ सामाजिक सरोकार से जुड़े स्वच्छता अभियान को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं।

इधर, काजा में तैनात एडीसी जगन ठाकुर का कहना है कि मठ में स्वच्छता अभियान के काम देखकर दंग हूं। अन्य ग्रामीण भी इनसे प्रेरणा लें।
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