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Shimla News: पेड़ में 6 से 8 सेंटीमीटर की दूरी पर रखें फल, अच्छा होगा आकार और रंग

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सेब उत्पादक क्षेत्रों में हॉर्टिकल्चर विभाग बागवानों को दे रहा सलाह, फसल अच्छी होने पर दाम भी अच्छे मिलेंगे
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फलों की थिनिंग की विभाग दे रहा है जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश के सेब उत्पादक क्षेत्रों में हॉर्टिकल्चर विभाग बागवानों को फसल की गुणवत्ता और आमदनी बढ़ाने के लिए फल थिनिंग (फसल भार प्रबंधन) के बारे में जागरूक कर रहा है। विभाग के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि पेड़ पर जरूरत से ज्यादा फल रखना नुकसानदायक होता है। पेड़ पर संतुलित संख्या में फल रखने से उनका आकार, रंग बेहतर बनता है। अच्छे आकार और रंग वाली फसल के बाजार में दाम भी बढि़या मिलते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार फल थिनिंग का सही समय तब होता है जब फल मटर के दाने से लेकर अखरोट के आकार तक पहुंच जाएं। इस चरण में किए चयन से फल का विकास बेहतर होता है और पेड़ पर अनावश्यक भार कम होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बागवानों को एम नाइन रूट स्टॉक में तने के क्षेत्रफल के आधार पर फल रखना चाहिए। इसके तहत ग्राफ्टिंग पॉइंट से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर तने का व्यास मापकर प्रति वर्ग 4 से 6 सेंटीमीटर की दूरी पर फल रखने से फल का आकार अच्छा बनता है। बड़े और पुराने पेड़ों जैसे सीडलिंग, एमएम 111, एम 7 और एमएम 106 में पेड़ की शाखा के क्षेत्रफल के आधार पर थिनिंग करनी चाहिए। इसमें तने से करीब 5 सेंटीमीटर दूर शाखा की मोटाई के आधार पर पेड़ में फल रखने चाहिए।
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विशेषज्ञों का मानना है कि फल के बीच उचित दूरी बनाए रखना जरूरी है। एक ही गुच्छे में लगे फलों में से केवल एक मजबूत फलों को ही रखें और इसके अतिरिक्त लगे अन्य फलों को हटा देना चाहिए। इसके साथ ही एक फल से दूसरे फल के बीच लगभग 6 से 8 सेंटीमीटर की दूरी रखना बेहतर गुणवत्ता के लिए जरूरी माना गया है। विशेषज्ञों ने बताया कि छोटे, कमजोर, रोगग्रस्त और विकृत फलों को समय रहते हटाना चाहिए। बागवान यदि इन बातों का ध्यान रखेंगे तो इससे फलों का अच्छा विकास होगा। फलों का साइज और उसमें अच्छा रंग आएगा और बागवानों को बाजार में उसकी अच्छी कीमत मिलेगी।
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कोट
विभाग बागवानों को थिनिंग और अन्य विषयों के बारे में समय-समय पर जानकारी देता है। इसके साथ ही विभाग की ऑफिशियल बेवसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी आवश्यक जानकारी दी जाती है।
-विद्या प्रकाश बैंस, एडिशनल डायरेक्टर बागवानी विभाग
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