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‘पहले पुलिस को बाखबर करना, जुर्म फिर चाहे सारी रात करना’

Mon, 24 Aug 2015 11:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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भाषा एवं संस्कृति विभाग और साहित्य अकादमी दिल्ली की ओर से गेयटी थियेटर में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन में खूब ठहाके लगे। कार्यक्रम में भाषा एवं संस्कृति विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुईं। अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग श्रीकांत वाल्दी भी कार्यक्रम में उपस्थित हुए।
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सम्मेलन में हिंदी के प्रसिद्ध हास्य कवियों में महेंद्र शर्मा, योगेंद्र मुदगिल, सत्यदेव हरियाणवी तथा डा. प्रवीण शुक्ल तथा उर्दू के हास्य शायरों में पापुलर मेरठी, नश्तर अमरोही, सुंदर मालेगावीं और शाहजहांपुरी ने अपनी हास्य कविता और गजलें सुनाकर लोगों का मनोरंजन किया।

पानीपत से आए योगेंद्र मुदगिल ने अपनी कविता में राजनीतिक गिरावट को व्यक्त करते हुए कहा कि ‘आदमी प्रयास करे तो नेता बन सकता है पर नेता कभी आदमी नहीं बन सकता’। सम्मेलन के सायंकालीन सत्र में उर्दू के चार मशहूर शायरों पापुलर मेरठी, नश्तर अमरोही, सुंदर मालेगावीं और शाहजहांपुरी ने अपनी नजमें पढ़ी।
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सुंदर मालेगावीं ने अपनी नज्म ‘पहले पुलिस को बाखबर करना, जुर्म फिर चाहे सारी रात करना’ पर खूब वाहवाही लूटी। पापुलर मेरठी ने कहा ‘मैं तो शायर हूं मेरा दिल है बहुत नाजुक मैं तो चाकू से ही मर जाऊंगा बम रहने दो। कार्यक्रम संचालन गोपाल दिलैक ने किया।
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