पेरिस और लंदन की तर्ज पर हिल्सक्वीन शिमला भी साइकिल फ्रेंडली सिटी बनेगी। नगर निगम शिमला ने शहर को साइकिल फ्रेंडली सिटी बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। 8 सितंबर को नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर की अध्यक्षता में योजना की समीक्षा बैठक आयोजित होगी।
शिमला को साइकिल फ्रेंडली सिटी बनाने के लिए शहर की चार सड़कों पर साइकिल ट्रैक और साइकिल स्टैंड बनाए जाएंगे। प्रत्येक ट्रैक पर 20 साइकिलें चलेंगी। शहर में परिवहन के विकल्प के तौर पर साइकिलों का प्रयोग होगा। लोग किराये पर साइकिल लेकर एक जगह से दूसरी जगह तक जा सकेंगे।
खास बात यह होगी कि योजना पर नगर निगम अपनी ओर से कोई खर्चा नहीं करेगा। शिमला को साइकिल फ्रेंडली सिटी बनाने के लिए आधारभूत ढांचा पीपीपी मोड पर विकसित किया जाएगा। शिमला में साइकिल सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए अभी दो कंपनियों हस्तुपा और आइस से बात चल रही है।
परिवहन का विकल्प बनेंगी साइकिल- डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर का कहना है कि शिमला में परिवहन के विकल्प के तौर पर साइकिल का प्रयोग होगा। शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। पेट्रोल-डीजल की खपत कम होने से प्रदूषण कम होगा। पैसे की बचत होगी और लोगों की एक्सरसाइज भी हो जाएगी।
- इन सड़कों पर बनेंगे साइकिल ट्रैक
सीटीओ से समरहिल
रिगल से संजौली
रिट्ज से संजौली
बिलो बैंक से छोटा शिमला
साइकिल स्टैंड से लोगों को साइकिल 10 और 20 रुपये के किराये पर मिलेगी। आधे घंटे के दस रुपये और एक घंटे के 20 रुपये वसूले जाएंगे। साइकिलों पर नजर रखने के लिए इन्हें जीपीएस से जोड़ा जाएगा। जीपीएस कनेक्टिविटी के जरिये साइकिल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
साइकिल सवार साइकिलों को यहां वहां भी नहीं फेंक सकेंगे। योजना के तहत राजधानी शिमला में करीब एक दर्जन साइकिल स्टैंड बनाए जाएंगे। आधुनिक क्यू शेल्टरों में साइकिलें पार्क होंगी। क्यू शेल्टरों से साइकिल चोरी होने का खतरा भी नहीं रहेगा।