जानकारी के अनुसार हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों पर रात करीब ग्यारह बजे अज्ञात लोगों ने धावा बोल दिया। कांवड़ियों ने आरोप लगाया कि हमलावर समुदाय विशेष से थे। कांवड़ियों के जत्थे में शामिल शिव सेना बिलासपुर के जिला प्रभारी अरुण सिंह मराठा, चमन, अमरनाथ, अमन, यशपाल, विजय कुमार, महेंद्र सिंह और नारायण दत्त ने आरोप लगाया कि स्वारघाट के नजदीक गुज्जरहट्टी पहुंचते ही उन पर हमला किया गया।
उनके पास मौजूद सामान और कांवड़ तोड़ दिए और गंगाजल फेंक दिया गया। उन्होंने 100 नंबर पर सहायता के लिए फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। बाद में उन्होंने सोलन की जोघों पुलिस चौकी को फोन कर सुरक्षा मांगी। इस वारदात के दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंचे डीएसपी नालागढ़ अनिल वर्मा, एसएचओ नालागढ़ राजकुमार, एडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्ठा ने हाईवे जाम कर नारेबाजी कर रहे कांवड़ियों को समझाने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। बाद में नालागढ़ के विधायक लखविंद्र सिंह राणा ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियाें को हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आश्वासन देकर कांवड़ियों को शांत कराया।
कांवड़ियों का आरोप है कि उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड व हरियाणा में कांवड़ियों को विशेष सुरक्षा दी गई है। ऐसे में हिमाचल सरकार ने सुरक्षा देने से परहेज क्यों किया। उन्होंने सुरक्षा की उचित व्यवस्था समेत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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