प्रारंभिक जांच में सूबे के 25 से अधिक निजी शिक्षण संस्थानों में गड़बड़झाले के सबूत मिले हैं। बड़ी बात यह है कि अफसरों की मिलीभगत से इतने बड़े घोटाले को ये संस्थान अंजाम दे पाए हैं। जांच में स्पष्ट हो गया है कि कई निजी शिक्षण संस्थानों ने खाली सीटों पर फर्जी दाखिले दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया है।
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले एचपीई पास पोर्टल में कई तरह की खामियां मिली हैं। इन खामियों का लाभ उठाते हुए ही निजी शिक्षण संस्थानों ने फर्जी दाखिला दिखाकर विद्यार्थियों के नाम पर बैंक अकाउंट खोले और सरकारी धनराशि हड़प ली।
शिक्षा विभाग ने छात्रवृत्ति घोटाले की जांच पूरी कर ली है। जांच में 150 करोड़ रुपये के घोटाले के सबूत मिले हैं। लेकिन यह घोटाला इससे भी बड़ा हो सकता है। अब किसी और जांच एजेंसी से पड़ताल कराने के लिए राज्य सरकार से सिफारिश की जा रही है। - डॉ. अरुण कुमार शर्मा, शिक्षा सचिव