रंजना और सपना ने बताया कि उनकी माता लंबे अरसे से मिर्गी की बीमारी से जूझ रही हैं। धर्मपुर के निजी क्लीनिक से इलाज चल रहा है। अब पिता का स्वर्गवास होने के बाद वह अकेले रह गए हैं। अब तो उनकी परवरिश करने वाला भी कोई नहीं है।
घर भी अभी-अभी बनाया है। उन्होंने बताया कि वे बहुत गरीब परिवार से संबंध रखते हैं। छोटी बेटी सपना ने सरकार से मांग की है कि जल्द उसकी बड़ी बहन को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि घर-परिवार और माता की बीमारी का इलाज का खर्च वहन कर सके।