पुलिस के इस खुलासे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वारदात के बाद घटनास्थल और जंगल का चप्पा-चप्पा छानने का दावा करने वाली पुलिस कुछ दूरी पर नाले में क्यों नहीं गई। आरोपी विजय किसी गुप्त रास्ते से नहीं, बल्कि हाईवे से होता हुआ राज्य से बाहर निकल गया। पुलिस ने हत्याकांड के बाद उसका पीछा तक नहीं किया।
हाईवे पर ही नहीं प्रदेश के प्रवेश द्वार परवाणू बैरियर पर भी सुरक्षा की पोल खुली। यहां 24 घंटे पुलिस का नाका रहता है। घटना के करीब 14 घंटे बाद भी बैरियर पर कोई चेकिंग नहीं की गई। ट्रक में बैठा आरोपी विजय बिना हुलिया बदले आसानी से निकल गया। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है।
सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर कसौली में अवैध कब्जे हटाने गई टीसीपी की महिला अधिकारी शैल बाला शर्मा की हत्या के आरोपी विजय ठाकुर को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। शुक्रवार तड़के 4 बजे आरोपी को मथुरा के वृंदावन से सोलन लाया गया। उसे धर्मपुर थाने में रखा गया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उसे दोपहर 1:45 बजे सीजेएम कोर्ट कसौली में पेश किया गया।
कोर्ट जाने के दोनों रास्तों पर पुलिस का कड़ा पहरा था। उसे मुख्य मार्ग के बजाय मिलिट्री एरिया बस अड्डे वाले मार्ग से अदालत में लाया गया। एसएचओ की अगुवाई वाली टीम उसे वाहन में लेकर अदालत पहुंची। कोर्ट ने उसे रिमांड पर भेज दिया है। अब पुलिस उससे पूछताछ करेगी। इसमें कई खुलासे हो सकते हैं।
बीते मंगलवार को अवैध निर्माण हटाने गई एक टीम की समन्वयक टीसीपी की सहायक टाउन प्लानर शैल बाला शर्मा की गेस्ट हाउस संचालक के बेटे विजय ने दो गोलियां दागकर हत्या कर दी। फायरिंग में पीडब्ल्यूडी के एक कर्मचारी गुलाब सिंह को भी एक गोली लगी, जो अभी पीजीआई में उपचाराधीन है।
घटना के बाद से आरोपी फरार था। वीरवार को उसे दिल्ली पुलिस की मदद से उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन से गिरफ्तार किया गया था। घटना के बाद लोगों में आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के दौरान हथियारबंद जवान साथ थे। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
रिमांड पर लेने के बाद पुलिस उसे घटनास्थल नारायणी गेस्ट हाउस ले गई। पुलिस ने गेस्ट हाउस के समीप डंगे के पास छिपाया रिवॉल्वर और गोलियां बरामद कर ली हैं। इस दौरान आरोपी के परिजन भी उससे मिले। पुलिस ने तड़के धर्मपुर थाने लाने के बाद और मौका-ए-वारदात पर भी पूछताछ की।