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Karwa Chauth: करवाचौथ 10 अक्तूबर को, जानें व्रत-पूजा का शुभ मुहूर्त, शिमला में इतने बजे होगा चांद का दीदार

Thu, 09 Oct 2025 01:01 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

करवाचौथ का इंतजार हर भारतीय सुहागिन महिला सालभर करती है। ये दिन न सिर्फ निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र की कामना करने का है, बल्कि ये अवसर होता है सुहागिन महिलाओं के श्रृंगार और सजने-संवरने का।
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शिमला में करवाचौथ के लिए मेहंदी लगवातीं महिलाएं। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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महिलाएं करवाचौथ का व्रत अपने सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र के लिए हर वर्ष रखती हैं। सुहागिनें इस दिन निर्जल व्रत रखती हैं। इसलिए यह व्रत निर्जला व्रत भी कहा जाता है। इस वर्ष यह पावन पर्व 10 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इसी दिन महिलाएं उपवास रखेंगी। बता दें,  करवाचौथ का इंतजार हर भारतीय सुहागिन महिला सालभर करती है। ये दिन न सिर्फ निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र की कामना करने का है, बल्कि ये अवसर होता है सुहागिन महिलाओं के श्रृंगार और सजने-संवरने का। ऐसे में महिलाएं अपने हाथों पर मेहंदी अवश्य लगाती हैं। शिमला में भी मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं में खासा उत्साह है। गुरुवार को विवाहित महिलाएं, नई दुल्हनों के अलावा युवतियां शेर-ए-पंजाब के, माल रोड, झांसी पार्क और टका बेंच के पास मेहंदी लगवाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचीं। करवाचौथ को लेकर शहर के रिज मैदान, माल रोड और अन्य बाजारों में काफी चहल-पहल है।

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ये रहेगा शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों  के अनुसार इस वर्ष करवाचौथ व्रत की चतुर्थी तिथि 9 अक्तूबर को रात 10:54 बजे से शुरू होगी और 10 अक्तूबर को शाम 7:38 बजे तक रहेगी। शिमला में चांद शाम 8:07 बजे निकलेगा। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर सुहागिनें व्रत का पारण कर सकती हैं। इस दौरान करवाचौथ पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 से रात 7:11 बजे तक रहेगा, जोकि लगभग 1 घंटा 14 मिनट तक रहेगा। सुहागिन महिलाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण पर्व है। सुहागिनें कई दिनों पहले ही श्रृंगार का सामान और पूजा सामग्री की खरीदारी शुरू कर देती हैं।

गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि करवाचौथ व्रत में विधि-विधान से पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है। इस दिन सूर्योदय से पहले सरगी खानी चाहिए और इसके बाद दिनभर निर्जला उपवास रखा जाता है। इसके बाद शाम को करवा, पानी का पात्र, रोली, हल्दी, मेवे, मिठाई और फूल जैसी पूजा सामग्री इकट्ठा कर लें। शाम को शुभ मुहूर्त के अनुसार देवी-देवताओं और करवा की पूजा करनी चाहिए। करवाचौथ की कथा सुनना शुभ होता है। उन्होंने कहा कि शिमला में चंद्रोदय रात 8:07 बजे के आसपास होगा। महिलाएं इस अवसर पर करवा रस्म (छलनी से चांद का दीदार करना और फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखना) करती हैं और पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलती हैं।
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करवाचौथ के लिए स्पेशल कार्ड, गिफ्ट पैक आकर्षण
करवाचौथ त्योहार के लिए शिमला शहर के बाजार पूरी तरह सज गए हैं। इस वर्ष करवाचौथ स्पेशल डिजाइनर कार्ड और गिफ्ट पैक ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। डिजाइनर कार्ड विभिन्न रंगों में बाजार में उपलब्ध हैं। इनका मूल्य 50 रुपये से 150 रुपये तक है। वहीं गिफ्ट पैक में मेकअप किट, ज्वेलरी, चॉकलेट सहित अन्य चीजें शामिल हैं। इनका मूल्य 100 रुपये से 550 रुपये तक है। इसके अलावा करवाचौथ से दो दिन पहले ही सरगी और मिठाइयों के स्टॉल लगने शुरू हो गए हैं।  बाजार में सेवइयां 500 और मठरी 320 और अंगूरी पेठा 300 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। बुधवार को दिनभर बाजार में महिलाएं मेहंदी लगवाती नजर आईं। सबसे ज्यादा भीड़ टका बैंच पर थी।
 
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