मेहंदी का रंग जितना गाढ़ा साजन का प्यार उतना गहरा। भारतीय परंपरा में मेहंदी सिर्फ रंग ही नहीं, संस्कृति का भी अहम हिस्सा है। सुहागिन महिलाओं के जीवन में इसका विशेष महत्व है। शादी-ब्याह और त्योहार पर मेहंदी हर हाथ में रचती है। बात जब करवाचौथ की हो तो इस दिन तो हर महिला और युवती के हाथ मेहंदी से सजते ही हैं।
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करवाचौथ पर्व की तैयारियों में जुटी महिलाओं और युवतियों के हाथों की रौनक बढ़ाने के लिए राजधानी में भी मेहंदी बाजार सज चुका है। रिज मैदान से सटे टका बेंच, कालीबाड़ी मंदिर रोड और लिफ्ट के पास मेहंदी लगाने वालों ने अस्थाई दुकानें लगा ली हैं। 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की रेंज में एक हाथ में मेहंदी लगाने का रेट है।
मान्यता है कि जिसके हाथ की मेहंदी जितनी रंग लाती है, उसे उतना ही अपने पति और ससुराल का प्रेम मिलता है। मेहंदी की सौंधी-सौंधी खुशबू से घर-आंगन तो महकता ही है, महिलाओं की सुंदरता में भी चार चांद लग जाते हैं। ऐसे में करवाचौथ पर्व पर मेहंदी लगाने को शगुन भी माना जाता है।
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ऐसे में पर्व के नजदीक आते ही हाथों में मेहंदी लगाने वाले शिमला पहुंच गए हैं। मेहंदी लगाने वालों ने डिजाइन के अनुसार दरें तय की हैं। टका बेंच के पास मेहंदी लगाने वाले रमेश कुमार का कहना है कि हर उम्र की महिलाएं मेहंदी लगवाने आ रही हैं। राजस्थानी, अरेबिक, बॉम्बे गोल्ड, सिल्वर और ब्लैक मेहंदी डिजाइन की डिमांड अधिक है।
अंबाला से आए हैं मेहंदी सजाने
मेहंदी लगाने वाले राजू, सुशील और राहुल ने बताया है कि वह लोग करवाचौथ पर्व के लिए विशेष तौर पर अंबाला से शिमला आएं हैं। हर साल मेहंदी लगाने वह शिमला आते हैं। कई महिलाओं के पास तो उनके मोबाइल नंबर भी हैं। उन्होंने बुकिंग एडवांस में कर दी है। मंगलवार को मेहंदी लगवाने आई नाभा की सुनीता शर्मा और कृष्णा शर्मा ने बताया कि भारत त्योहारों की भूमि है।
हर त्योहार की अपनी कुछ विशिष्ट परंपरा के साथ धार्मिक और सामाजिक महत्व है। हर त्योहार अपने महत्व और रीति रिवाज में निपटा हुआ है। करवाचौथ का त्योहार भी उत्तर भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है जब सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की समृद्धि की कामना लेकर व्रत रखती हैं। इस मौके पर मेहंदी भारतीय परंपरा को अपने तरीके से अभिव्यक्त करती हैं।
करवाचौथ के सामूहिक आयोजन में सबसे खूबसूरत दिखने के लिए ब्यूटी पार्लर की दौड़ शुरू हो गई है। शहर के हर ब्यूटी पार्लर में अभी से भीड़ लग गई है। नामचीन पार्लरों में तो अच्छी खासी वेटिंग है। करवाचौथ के लिए एडवांस बुकिंग है। इससे पहले प्री मेकअप सर्विस के लिए भी वेटिंग चल रही है।
पार्लर पर महिलाएं हेयर कलरिंग, हेयर कटिंग, रीबांडिंग, स्मूदिंग, स्ट्रेटनिंग, वैक्स, क्लीनअप, फेशियल, मास्क, स्क्रब, ओजोन थेरेपी, आइब्रो, अपरलिप्स, मेनिक्योर, पैडिक्योर, हेयर स्पा, मेहंदी, टाइटनिंग, लेजर ट्रीटमेंट, व्लीचिंग, हेयर ट्रीटमेंट्स, स्किन ट्रीटमेंट कराने पहुंच रही हैं। ये सभी चीजें करवाचौथ से पहले की हैं जो प्री मेकअप में आती हैं।
11 अक्तूबर को फाइनल मेकअप होगा। मेकअप, हेयर स्टाइल और ड्रेसिंग के लिए 11 अक्तूबर की शाम 7 बजे तक की बुकिंग है। महिला क्लब और किटी ग्रुप्स में करवाचौथ सेलिब्रेशन शुरू हो गए हैं। फाइनल डे पर भी कई जगह ग्रुप्स में करवाचौथ पूजा होगी। ऐसे में भीड़ में अलग और सुंदर दिखने के लिए महिलाओं ने तैयारी की है। माल रोड स्थित ब्यूटी पार्लर क्यूट गर्ल, मैट्रिक्स, डीलक्स, गाला, सेवन स्काई और जिवणू कालोनी स्थित परी ब्यूटी पार्लर में इन दिनों महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
किचन में ढूंढ रहीं सौंदर्य का खजाना पार्लर से दूर रहकर हर्बल घरेलू उत्पादों और प्रकृति में खूबसूरती खोजने वाली महिलाओं ने भी अपने सौंदर्य की केयर शुरू कर दी है। रंग निखारने के लिए बेसन का उबटन, चेहरे पर चमक के लिए चंदन, दाल का फेस पैक, बालों में अंडे और दही की कंडीशनिंग, कलर के लिए मेहंदी का पैक लगा रही हैं। मसूर की दाल, चोकर से मैनिक्योर और पेडिक्योर शुरू कर दिया है।