हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग में हुए एचआरटीसी बस हादसे की गंभीरता को देखकर स्थानीय लोगों, सवारियों के परिजनों ने खूब हंगामा किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे आरएम को घेर लिया गया और उनसे खटारा बसें भेजने का कारण पूछा गया। लोगों ने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और एचआरटीसी के खिलाफ जमकर गुब्बार निकाला।
मुर्दाबाद के नारे भी लगाए, जिससे पूरा माहौल गरमा गया। लोगों ने कहा कि सालों से यहां की सड़कों की हालत ठीक नहीं है। बार-बार शिकायतें करने पर भी अधिकारी कुछ नहीं करते। खराब और खटारा बसों को रूटों पर भेजा जा रहा है, जिनमें रोजाना हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।
कहा कि करसोग से मैंडी सड़क की हालत बहुत खराब है। मैंडी के लिए एकमात्र बस होने से भी नाराज लोगों ने अपना रोष प्रकट किया। कहा कि सड़क की खराब हालत और मैंडी के लिए एक बस होना ही हादसे की वजह है। उधर, विधायक दीप राज ने भी हादसे पर रोष जताया और कहा कि करसोग विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की हालत खस्ता है। यही नहीं, करसोग को हमेशा खटारा बसें ही भेजी जाती हैं। उन्होंने कहा कि पैरापिट होते तो हादसा नहीं होता।
सड़क पर कई तीखे मोड़, पैरापिट भी नहीं
स्थानीय लोगों के मुताबिक करसोग से मैंडी तक सड़क के किनारे पैरापिट ही नहीं लगाए गए हैं। सड़क पर कई तीखे मोड़ हैं, तो कई स्थानों पर सड़क बहुत तंग है। ऐेसे में अगर कोई वाहन अनियंत्रित हो जाए तो वह सड़क से नीचे पहुंच जाता है। अगर इस सड़क पर विभाग ने पैरापिट का प्रावधान किया होता तो शायद यह हादसा न होता। लोगों ने कहा कि इस हादसे के बाद भी अगर विभाग सबक नहीं लेता तो फिर जनता का गुस्सा फूटेगा।
घायलों का हाल पूछने पहुंचे विधायक
बस हादसे का पता चलने के बाद विधायक दीपराज सुंदरनगर से सिविल अस्पताल करसोग पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घायलों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि घायलों के उपचार में कोई कमी नहीं आदी चाहिए।