कारगिल विजय दिवस पर बिलासपुर में बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि
वीर जवानों के त्याग व बलिदान के कारण ही राष्ट्र की शहीद स्मारक बिलासपुर में कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की उपस्थिति में देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले बलिदानी सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि सभी बलिदानियों का कर्ज हम पर है। भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का गौरव बढ़ाया है, जिस पर हम सभी को गर्व है। इन वीर जवानों के त्याग एवं बलिदान के कारण ही राष्ट्र की सीमाएं सुरक्षित हैं। श्रद्धांजलि समारोह में पुलिस अधीक्षक विवेक चहल सहित सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी उपस्थित रहे।
बलिदानी नरेश कुमार व राजेश चौहान की प्रतिमा पर अर्पित किए श्रद्धासुमन
कारगिल विजय की 25वीं वर्षगांठ शुक्रवार को सुंदरनगर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस मौके पर विधायक राकेश जम्वाल सहित बड़ा संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों ने नरेश चौक पर कारगिल बलिदानी नरेश कुमार की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। विधायक ने बलिदानी नरेश कुमार की माता सत्या देवी को शाल व टोपी पहनाकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में राकेश जम्वाल ने कहा कि सुंदरनगर के धनेश्वरी गांव में अमीचंद व सत्या देवी के घर पैदा हुए बलिदानी नरेश कुमार प्रतिभाशाली होने के साथ देशभक्ति से ओतप्रोत थे। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 19 अक्तूबर 1996 में भारतीय सेना की ग्रेनेडियर रेजिमेंट में सेवा करना आरंभ किया था। 1999 में उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ और अपनी वीरता और शौर्य का अदम्य प्रदर्शन करते हुए वह 13 जून 1999 को बलिदान हो गए थे। उन्होंने का कि देश कभी भी नरेश कुमार की शहादत को भूल नहीं सकता है।
कारगिल में लिखी थी शौर्य और बलिदान की गाथा: अमरजीत सिंह
कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को हमीरपुर के शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा पार्क में जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उपायुक्त अमरजीत सिंह, एसपी भगत सिंह ठाकुर और अन्य अधिकारियों, भूतपूर्व सैनिकों और अन्य गणमान्य लोगों ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की व हिमाचल प्रदेश पुलिस की टुकड़ी ने भी सलामी दी। इस अवसर पर शहीद सैनिकों को नमन करते हुए उपायुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि 25 वर्ष पूर्व भारत के वीर सैनिकों ने कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर अदम्य साहस और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की एक ऐसी गाथा लिखी थी, जिसे भारतवासी कभी भी नहीं भुला सकते। इस युद्ध में भारत के वीर सैनिकों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में जीत हासिल करके दुश्मन को एक बार फिर यह चेतावनी दी थी कि हमारी सीमाओं की ओर कोई आंख उठाकर भी नहीं देख सकता है।