कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की अमानवीय यातनाओं से शहीद हुए पालमपुर के कैप्टन सौरभ कालिया के परिजनों का आज भी भारी मलाल है कि उनके बेटे के अमानवीय यातनाओं का इंसाफ आज दिन तक नहीं मिला है। कैप्टन सौरभ कालिया का मामला अभी तक सुप्रीम कोर्ट में चला हुआ है। कोरोना से पहले साल 2018 के बाद सुप्रीम कोर्ट में आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। कारगिल शहीदी दिवस पर अपने शहीद बेटे के मामले में इंसाफ न मिलता देख पिता डॉ. एनके कालिया और माता विजय कालिया का दर्द फिर छलका है।
डॉ. कालिया का कहना है कि जब तक विदेश मंत्रालय पाकिस्तान से या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मामला सख्ती से नहीं उठाता, तब तक इस मामले में कुछ नहीं होने वाला है। जिस तरह से भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ नौसेना अधिकारी कुलभूषण और पायलट विंग कमांडर अभिनंदन का मामला उठाया और उसके नतीजे भी सामने आए थे। उन्हें मोदी सरकार से न्याय की आस है है। अभी तक सुप्रीम कोर्ट में कोरोना के बाद कोई सुनवाई नहीं हुई है। पिता का कहना है कि उनके बेटे के मामले में उन्हें मोदी सरकार और सुप्रीम कोर्ट से आज भी न्याय की आस है। पालमपुर में उनके बेटे के नाम पर सौरभ वन विहार और सौरभ नर्सिंग कॉलेज खोलकर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने मान-सम्मान दिया है। वह बेटे की न्याय की लड़ाई को आखिरी सांस तक लड़ेंगे।