धर्मशाला में करगिल विजय दिवस कार्यक्रम
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हिमाचल प्रदेश के राज्य युद्ध स्मारक धर्मशाला में करगिल विजय दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें धर्मशाला स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर एसवीपीएस संबियाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कारगिल शहीद सूबेदार खेम चंद राणा की बेटी जया ने भी शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल, एएसपी हितेश लखनपाल, एसडीएम धर्मेश रमोत्रा समेत शहीद स्मारक समिति के उपाध्यक्ष कर्नल गणेश, कर्नल कटोच, पूर्व सैनिकों और स्थानीय लोगों ने भी शहीदों की शहादत को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ब्रिगेडियर केवीपीएस संबियाल ने कहा कि वो भारतीय सेना और तमाम नागरिकों की ओर से उन शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं जिन्होंने जवानी की परवाह न करते हुए हंसते-हंसते देश की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर कर दिए।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जो युद्ध हमारी सेना और जांबाज सिपाहियों ने करगिल जैसी दुर्गम, कठिन और ऊंची पहाड़ियों पर लड़ा। ऐसा युद्ध कभी किसी ने नहीं लड़ा। इतना ही नहीं यह युद्ध न केवल लड़ा गया बल्कि इसे हमारे जवानों और सेनाओं ने अपने अदम्य साहस से जीत भी लिया। ऐसे में आज का दिन हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि आज के नौजवानों को हमारे पूर्वजों के इस बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए और उनके बलिदान से सीख लेते हुए देश की सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
भावुक हुईं शहीद खेम राणा की बेटी
करगिल युद्ध में शहीद हुए मंडी के सूबेदार खेम चंद राणा की बेटी जया ने नम आखों से कहा कि उस वक्त उनके पिताजी उधमपुर में तैनात थे। जब उन्होंने शहादत पाई थी। वह उस समय केवल 12 साल की थीं और सातवीं में पढ़ा करती थीं। उनका छोटा भाई 9 साल का था और चौथी कक्षा में पढ़ता था। उस वक्त वे नादान थे और उन्हें इसके बारे में ज्यादा इल्म नहीं था। मगर आज जब बड़े हुए हैं तो उनके उस बहुमूल्य योगदान को याद करके बेहद गर्व महसूस करते हैं।
जया ने कहा कि क्योंकि वो मंडी के रहने वाले थे तो ऐसे में उनके नाम पर एक स्कूल भी है। जहां वो हर साल जाकर एक जुलाई को बच्चों के लिए कार्यक्रम का आयोजन भी करते हैं और उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन भी अर्पित करते हैं। उन्होंने देश के युवाओं से कहा कि आप चाहे किसी भी फील्ड में हों हर समय देश की सेवा के लिए आगे आना चाहिए।