शहीदों पर वृत्तचित्र देख परिजनों के छलके आंसू।
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कारगिल विजय दिवस पर टाउन हॉल हमीरपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ऑपरेशन विजय का एक वीडियो बड़ी एलईडी स्क्रीन पर दिखाया गया। इस वृत्त चित्र को देखकर शहीदों के परिजनों की आंखें नम हो गईं। यह देख मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक समेत मंच पर उपस्थित अन्य अधिकारी भावुक हो गए। वीडियो प्रसारित होने के बाद भारत माता की जय और अमर शहीद के जय घोष से सभागार गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने पांच कारगिल शहीदों के परिजनों, वीर नारियों और नौ अन्य सैनिक और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा की प्रतिमा के समीप भव्य शहीद पार्क के निर्माण के लिए 70 लाख प्रदान करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक का आकलन प्रस्ताव शिमला भेजा हुआ है। इसका पता लगाकर शीघ्र उचित निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंच पर सम्मान समारोह के दौरान दो विभिन्न सैन्य ऑपरेशन में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले कैप्टन सुरेश कुमार और हवलदार नरेंद्र सिंह से उनके ऑपरेशन और अनुभव के बारे में कुछ देर तक बातचीत की और सेना में रहते उनके अदम्य साहस और शौर्य की प्रशंसा की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को हमीरपुर स्थित शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर मदनशील शर्मा, उपनिदेशक स्क्वाड्रन लीडर मनोज राणा समेत अन्य मौजूद रहे।
सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को सरकारी क्षेत्र में प्रदान करेंगे नौकरियां
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान 20 से 22 वर्ष की उम्र के जवान सबसे अधिक शहीद हुए थे। सेना में युवाओं की आवश्यकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार सेना में अग्निपथ योजना को लेकर आई है। सेना से सेवानिवृत्त होने वाले सभी अग्निवीरों को राज्य सरकार सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
देवभूमि के साथ वीरभूमि का गौरव हासिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों और पाकिस्तानी सेना की ओर से भारतीय चोटियों में घुसपैठ करने के बाद भारतीय सैनिकों ने उन्हें खदेड़ने के लिए 8 मई से ऑपरेशन विजय की शुरुआत की थी। कारगिल युद्ध के दौरान 527 शहीद भारतीय सैनिकों में से 52 हिमाचल प्रदेश से संबंधित थे और चार परमवीर चक्र विजेताओं में से दो हिमाचल के वीरों को प्राप्त हुए थे। हिमाचल जैसे छोटे प्रदेश ने देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि होने का गौरव भी हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश प्रधानमंत्री मोदी के हाथों में सुरक्षित है। मोदी के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक कर भारत के वीर सैनिकों ने संदेश दिया कि आतंकवाद हरगिज स्वीकार्य नहीं होगा।