कारगिल युद्ध के पहले बलिदानी कैप्टन सौरभ कालिया के परिजनों को बेटे के मामले में इंसाफ न मिलने का आज भी मलाल है। कैप्टन सौरभ के पिता डॉ. एनके कालिया और माता विजया कालिया का कहना है उनके बेटे का न्याय को लेकर कोर्ट में मामला चला हुआ है, लेकिन करीब पांच साल से अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसका उन्हें अभी भी इंतजार लगा हुआ है। उन्हें भगवान के दरबार में पूरी आस्था है कि उन्हें न्याय मिल कर रहेगा। डॉ. एनके कालिया का कहना है कि 1999 में हुए कारगिल युद्ध में बलिदानी हुए कैप्टन सौरभ कालिया को पाकिस्तान सेना ने अमानवीय यातनाएं देकर मारा था।
सौरभ कालिया के अंगों को क्षतश-विक्षत कर दिया गया। हालत यह थी उनके शरीर पर सलाखों के निशान थे। जिस पर कैप्टन सौरभ कालिया के परिजनों ने भारी आपत्ति जताई थी और इंसाफ दिलाने की मांग कही थी। इसको लेकर मामला अदालत में चल रहा है। डॉ. कालिया का कहना है कि उस समय की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को यह मुद्दा पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठना चाहिए था। जिसका भी उन्हें आज तक मलाल है।