जिला शिमला के चार शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। शहीद गनर यशवंत सिंह की माता बिमला देवी, ग्रेनेडियर नरेश कुमार की पत्नी शकुंतला देवी, ग्रेनेडियर अनंत नाम के भाई भीमीराम और राइफल मैन श्याम सिंह के भाई रमेश भिक्टा को स्मृति चिह्न दिए गए।
ऐतिहासिक गेयटी थियेटर शिमला में राज्यस्तरीय कारगिल विजय दिवस समारोह पर देश की रक्षा में शहादत पाने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। समारोह में शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। परिजन मंच पर सम्मान लेने पहुंचे तो उनकी आंखें भर आईं। कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके घर का एक सदस्य देश के लिए कुर्बान हुआ है, लेकिन यादें जहन से नहीं मिटती हैं। इसलिए आंखें अकसर भर आती हैं।
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जिला शिमला के चार शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। शहीद गनर यशवंत सिंह की माता बिमला देवी, ग्रेनेडियर नरेश कुमार की पत्नी शकुंतला देवी, ग्रेनेडियर अनंत नाम के भाई भीमीराम और राइफल मैन श्याम सिंह के भाई रमेश भिक्टा को स्मृति चिह्न दिए गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के प्रति राष्ट्र हमेशा कृतज्ञ रहेगा।
छोटा राज्य होने के बावजूद हिमाचल के 52 वीर सैनिकों ने कारगिल युद्ध में अहम योगदान दिया। उन्होंने कारगिल युद्ध में शहादत पाने वाले कैप्टन विक्रम बतरा और सौरभ कालिया को भी याद किया। इस दौरान कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीरों की शौर्य गाथा को दर्शाते हुए वृत्तचित्रों पर डाक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई।
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इससे पहले उन्होंने कारगिल युद्ध में वीर शहीदों की स्मृति में देश के गौरवमयी इतिहास की रक्षा के समर्पण की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने पुलवामा और उरी हमले में शहीद हुए जवानों को भी नमन किया। उधर, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शहीदों के परिजनों ने अपने परिवार का सदस्य अवश्य खोया है, लेकिन यह पूरे राष्ट्र के लिए गौरव की बात है। इसके लिए पूरा देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा।