जब पाकिस्तानी सेना की ओर से कारगिल में घुसपैठ की गई तो उस दौरान दुश्मन सेना के साथ लोहा लेते दर्जनों पाकिस्तानी सेना के घुसपैठियों को मौत की नींद सुलाने व चौकी नंबर 5203 पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद नौ जून 1999 को दुश्मन सेना की गोली लगने से शहीद हुए।
कैप्टन अमोल कालिया को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। कैप्टन अमोल कालिया के माता-पिता नंगल की शिवालिक एवेन्यू में रहते हैं जबकि उनका दूसरा बेटा भारतीय वायु सेना में भर्ती है।
कैप्टन अमोल कालिया के पिता कहते हैं कि उन्हें हिमाचल और पंजाब सरकार से आज कोई शिकवा नहीं। लेकिन हिमाचल की सरहद मैहतपुर में शहीद बेटे की याद में बने प्रवेश द्वारा की खस्ता हालत को सुधारा जाना चाहिए।
अगर इसमें किसी तरह के खर्च की आवश्यकता है तो वह उसे भी देने के लिए तैयार हैं। पंजाब सरकार की ओर से आज नंगल-ऊना मुख्य मार्ग पर अमर शहीद कैप्टन अमोल कालिया की याद में खूबसूरत पार्क बना है, जिसमें कैप्टन अमोल कालिया की प्रतिमा भी लगाई गई है।