फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केएनएच ने मानी गलती, लेबर रूम के स्टाफ पर फोड़ा सारा ठीकरा

Tue, 25 Oct 2016 10:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
केएनएच प्रबंधन ने बच्चा बदलने को लेकर आखिरकार अपनी गलती मान ली है। प्रबंधन ने माना है कि डिलीवरी रूम में मौजूद स्टाफ के लोगों से भारी चूक हुई है। प्रबंधन ने अपने सिर पर आई बला को लेबर रूम में डिलीवरी के दौरान मौजूद डॉक्टरों तथा सहयोगी स्टाफ पर इसका ठीकरा फोड़ दिया है।
विज्ञापन


इससे एक बात और जाहिर हो गई कि अस्पताल में प्रबंधन तथा गायनी विभाग दो धड़ों में बंट चुका है। सोमवार को इसका ताजा उदाहरण देखने को भी मिला जब बच्चे बदलने वाले दंपतियों से प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और प्रबंधन ने दोनों दंपतियों से बातचीत की तो कमेटी रूम में गायनी विभाग की ओर से कोई जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद नहीं थे।


अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलएस चौधरी से दोनों दंपतियों ने मांग की है कि जो भी दोषी है उन्हें सामने लाकर 24 घंटों के भीतर सलाखों के पीछे डाला जाए। मंडी के दंपति ने बताया कि जब उन्होंने प्राइवेट लैब की डीएनए रिपोर्ट उन्हें दिखानी चाही तो जांच कमेटी ने उन्हें ऐफिडेविट बनाने की बात कही।
विज्ञापन


जिससे उनकी मानसिकता का पता चलता है। उन्होंने इस दौरान सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज तक चैक करने की बात की। इधर बात ज्यादा बिगड़ती देख अस्पताल के एमएस दंपतियों को शांत करवाते नजर आए।  इधर शिमला दंपति ने जब डिलीवरी के लिए जिम्मेवार व्यक्ति के बारे में पूछना चाहा तो एमएस ने दो टूक कहते हुए कहा कि इसके लिए तो डिलीवरी वाले ही पूर्ण रुप से जिम्मेवार है।  

जिससे कि पता चलता है कि अस्पताल अब दो गुटों में बंट चुका है। हालांकि इस पूरे प्रकरण में एमएस पर ही सभी लोगों का गुस्सा फूटा। प्रबंधन के साथ मीटिंग में न होने पर विभागाध्यक्ष का कहना था कि वह इस दौरान ओपीडी में थीं। इसके अलावा अस्पताल में प्रदर्शन की उन्हें कोई सूचना नहीं है।

एसपी पर भी भड़क गए लोग

भड़के हुए लोगों ने एसपी को इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेवार ठहराया था। लोगों का कहना था कि अगर समय रहते मामले पर गंभीरता से लिया जाता तो ऐसा न होता। भड़के हुए लोगों को शांत करने के लिए थाना छोटा शिमला के एसएचओ परिसर पहुंचे और

लोगों को शांत करवाया। उन्होंने बताया कि पुलिस एसपी शिमला के दिशा निर्देशों पर काम कर रही है। अगर पुलिस से किसी को भी शिकायत है तो वह अपनी बात उनके समक्ष रख सकते है।

अस्पताल की साख पर बट्टा
साफ और स्वच्छ छवि को लेकर 1924 में स्थापित हुए केएनएच में इस तरह की घटना पहली दफा हुई है। इस घटना से अस्पताल की साख पर सवाल उठ रहे हैं और प्रतिष्ठा को धक्का लगा है। 

जल्द करो गिरफ्तार
गुस्साएं दंपतियों का कहना है कि 25 अक्तूबर की शाम तक दोषियों को गिरफ्तार करों नही तो 26 को चक्का जाम किया जाएगा। जितेंद्र ठाकुर ने कहा कि आरोपियों को जल्द हिरासत में लिया जाए और भविष्य में ऐसा किसी के साथ न हो। 
विज्ञापन

बच्चा अदला-बदली के आरोपियों को डालो सलाखों के पीछे

प्रदेश के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु अस्पताल केएनएच में बच्चों की अदला बदली करने वालों को 48 घंटों के भीतर सलाखों के पीछे करने की मांग की गई है। सोमवार को शिमला के दंपति के साथ खलीणी वार्ड के पार्षद प्रवीण कुमार और यूथ कांग्रेस के शिमला शहरी अध्यक्ष आकाशी सैणी की अगुवाई में सैकड़ों लोगों ने केएनएच परिसर में प्रदर्शन किया। 


यूथ कांग्रेस के शिमला शहरी अध्यक्ष ने कहा कि डिलीवरी के दौरान जिन भी लोगों की गलती से यह प्रकरण हुआ है, उन्हें पुलिस सलाखों के पीछे डाले, ताकि भविष्य में इस तरह की बड़ी चूक से कोई दूसरा परिवार प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि अगर जल्द आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो उपायुक्त कार्यालय और एसपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करेंगे। 

अस्पताल परिसर में सुबह ग्यारह बजे भड़के प्रदर्शनकारी एमएस ऑफिस के बाहर एकत्र हुए और प्रबंधन की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर में उपचार के लिए आई महिलाओं ने भी जमकर हल्ला बोला। पार्षद प्रवीण

कुमार ने बताया कि इतनी बड़ी चूक के कारण पांच माह तक दो परिवारों को अपने बच्चों से अलग रहना पड़ा। अगर प्रबंधन के पास पहले ही ऐसा मामला आ गया था तो उसे मौके पर ही हल करना चाहिए था। आम आदमी बार बार प्रबंधन के ऑफिस के चक्कर काटता रहा लेकिन उनकी सुनवाई न हो सकी। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें